केवल 453 वोटो के चुनाव हेतु जिले के विकास कामों पर लगा ब्रेक

मानसून पूर्व कामो का नियोजन हुआ ठप

* विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता का असर
अमरावती/दि.29- जिले में स्थानीय स्वायत्त निकाय निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद की सीट हेतु होने जा रहे चुनाव के लिए लागू की गई आचार संहिता के चलते जिले में चल रहे विकास कामों पर ब्रेक लग गया है. केवल 453 मतदाताओं वाले इस चुनाव के लिए पूरे जिले में आचार संहिता लागू किए जाने के चलते बारिश से पहले किए जानेवाले कामों सहित स्कूल व सडक दुरूस्ती एवं जलापूर्ति से संबंधित काम ठप हो गए है.
बता दें कि अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद की सीट के लिए आगामी 18 जून को मतदान होना है. जिसकी आचार संहिता 18 मई को घोषित हुई. इस चुनाव में महानगर पालिका के नगर सेवको, जिला परिषद के सदस्यो, पंचायत समिति के सभापतियो तथा नगर परिषदो व नगर पंचायतो के नगराध्यक्ष व सदस्यों को ही मतदान का अधिकार रहता है. अमरावती जिले में ऐसे कुल मतदाताओं की संख्या 526 है. जिसमें से जिप व पंस के चुनाव प्रलंबित रहने के चलते जिला परिषद के 59 सदस्य व 14 पंचायत समितियों के सभापति पद ऐसे कुल 73 पद रिक्त है. जिसके चलते इस बार के विधान परिषद के चुनाव में केवल 453 मतदाताओं द्बारा ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया जाएगा. लेकिन इसके बावजूद इस चुनाव की आचार संहिता को पूरे जिले के लिए लागू किया गया है.

* शाला दुरूस्ती के काम कैसे होंगे
अगले माह में 15 जून से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होनेवाला है. जिसके चलते फिलहाल चल रही गर्मी छुट्टीयों के दौरान बारिश का मौसम शुरू होने से पहले वर्ग कक्षाओं सहित शालेय इमारतों में दुरूस्ती से संबंधित कामों को पूरा किया जाना बेहद जरूरी है. लेकिन आचार संहिता के चलते इन कामों के लिए निवदा सहित अन्य प्रक्रिया को करना पूरी तरह से असंभव है. जिसके चलते शाला दुरूस्ती के काम प्रलंबित रहे की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.

* कामों का नियोजन गडबडाया
ग्रामीण क्षेत्र में सडक, जलापूर्ति एवं गटर से संबंधित काम जल्द ही शुरू किए जानेवाले थे. इन कामों के लिए विविध तरह की आवश्यक मंजूरी के बाद निविदा मंगाने व निविदा खोलने तथा इसके बाद कार्यारंभ आदेश जारी करने जैसे विविध प्रशासकीय काम किए जाने थे. लेकिन इस समय चल रही आचार संहिता के चलते इन कामों को नहीं किया जा सकता. ऐसे में सभी विकास काम फिलहाल अधर में लटके हुए है.

* आचार संहिता को शिथिल करने की मांग
इस आचार संहिता के चलते ऐन बारिश के मुहाने पर कई विकास काम प्रलंबित रह सकते है. चुंकि इस समय जिला परिषद व पंचायत समितियों के चुनाव ही नहीं हुए है और दोनों निकायों के निर्वाचन क्षेत्र से कोई सदस्य भी निर्वाचित नहीं हैं. जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य करने हेतु आचार संहिता शिथिल करने की मांग धामणगांव रेलवे के विधायक प्रताप अडसड ने निर्वाचन आयोग से की है.

* आचार संहिता के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करनेवाले काम नही किए जा सकते परंतु प्राकृतिक आपदा को ध्यान में रखते हुए जरूरी रहनेवाले कामों को निपटाया जा सकता है.
– शिवाजीराव शिंदे,
उपजिला निर्वाचन अधिकारी

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