नई कामगार नियमावली का मसौदा प्रकाशित
आपत्तियाँ और सुझाव दर्ज करें

* श्रम मंत्री आकाश फुंडकर का आह्वान
मुंबई/दि.7 – राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले लाखों कामगारों के हित, सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण को और मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. केंद्र सरकार द्वारा 1 नवंबर 2025 को लागू किए गए नए चार कामगार संहिताओं की पृष्ठभूमि में, महाराष्ट्र सरकार ने अपने राज्य की नियमावली तैयार की है और इसका मसौदा हाल ही में प्रकाशित किया गया है. इस प्रस्तावित नियमावली पर राज्य के सभी संबंधित घटकों से कहा गया है कि वे अपनी आपत्तियाँ और सुझाव अधिसूचना प्रकाशित होने के 45 दिनों के भीतर दर्ज करें, ऐसा आह्वान राज्य के कामगार मंत्री एडवोकेट आकाश फुंडकर ने किया है.
केंद्र सरकार ने औद्योगिक संबंध, वेतन संहिता, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यस्थल परिस्थितियों की संहिता 2020, तथा सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 जैसी चार प्रमुख संहिताएँ देशभर में लागू की हैं. इन कानूनों के क्रियान्वयन के लिए राज्य को अपनी अलग नियमावली तैयार करना आवश्यक था. इसके अनुसार, राज्य सरकार के कामगार विभाग ने विधि और न्याय विभाग के अत्यंत सूक्ष्म तकनीकी सहयोग से यह नियमावली तैयार की है.
इस संदर्भ में जानकारी देते हुए कामगार मंत्री एड. आकाश फुंडकर ने कहा कि राज्य के विकास में कामगारों का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है. इसलिए उनके कार्यस्थल की सुरक्षा, उनका स्वास्थ्य और उन्हें मिलने वाला वेतन इन सभी बातों को राज्य सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. प्रस्तावित नियमावली का मुख्य उद्देश्य राज्य में औद्योगिक शांति बनाए रखना है. मालिक और कामगार के बीच संबंधों का उचित नियमन करके दोनों के बीच समन्वय बढ़ाना और वेतन संबंधी प्रावधानों को अधिक स्पष्ट और पारदर्शी बनाना इस नियमावली की विशेषताएँ हैं. इससे न केवल कामगारों का कल्याण होगा, बल्कि पूरे औद्योगिक वातावरण में सुव्यवस्था और अनुशासन स्थापित होने में मदद मिलेगी.
विशेष बात यह है कि बदलते समय के अनुसार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले गिग वर्कर्स की सुरक्षा का भी इस नियमावली में प्राथमिकता से विचार किया गया है. यह नई नियमावली राज्य के औद्योगिक प्रतिष्ठानों से लेकर निर्माण क्षेत्र तक और असंगठित कामगारों तक सभी के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी. कामगार मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस नियमावली को अंतिम रूप देने से पहले लोकतांत्रिक तरीके से सभी की राय लेना आवश्यक है.
इसलिए राज्य के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठान, निर्माण व्यवसायी, विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म चलाने वाली कंपनियाँ, गिग वर्कर, सभी कामगार संगठन और व्यक्तिगत नागरिकों से अनुरोध है कि वे इस मसौदे का गहन अध्ययन करें और अधिसूचना द्वारा दी गई अवधि समाप्त होने से पहले अपनी आपत्तियाँ और सुझाव प्रस्तुत करें.