कोणार्क इंफ्रास्ट्रक्चर पर 9.65 लाख का जुर्माना
करार की शर्तों के उल्लंघन पर लगाया गया दंड

अमरावती /दि.17 – अमरावती महानगरपालिका के स्वच्छता विभाग ने घनकचरा संकलन और शहर की साफ-सफाई के काम में लापरवाही पाए जाने पर मे. कोणार्क इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड पर 9 लाख 65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है.
बता दें कि, महानगरपालिका की ओर से शहर में म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट के संकलन व परिवहन तथा दैनिक सफाई कार्य के लिए कंपनी के साथ 28 नवंबर 2025 को करार किया गया था. इसके तहत पार्ट-1 के काम 1 दिसंबर 2025 से शुरू किए गए थे. स्वच्छता विभाग द्वारा 1 मार्च से 13 मार्च 2026 के बीच की गई जांच में करार की कई शर्तों का उल्लंघन सामने आया. जांच के दौरान कंपनी द्वारा उपयोग में लाई जा रही कुछ गाड़ियों के पास ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस और रोड फिटनेस सर्टिफिकेट जैसे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए. यह करार की शर्तों का उल्लंघन माना गया.
इसके अलावा करार के अनुसार सफाई कार्य में लगे मजदूरों को यूनिफॉर्म, जूते, कैप, हैंड ग्लव्स, पीपीई किट और पहचान पत्र देना अनिवार्य है, लेकिन कई कामगारों के पास यह सुरक्षा सामग्री उपलब्ध नहीं थी. इस गंभीर लापरवाही के लिए कंपनी पर 7,15,000 का जुर्माना लगाया गया.
* कई प्रभागों में काम शुरू नहीं होने पर अलग दंड
महानगरपालिका ने झोन 1 और 5 में पार्ट-बी अंतर्गत सफाई कार्य 14 मार्च 2026 से शुरू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कुछ प्रभागों में काम शुरू नहीं किया गया. प्रभाग 1 (शेगांव-रहाटगांव) में 14 और 15 मार्च को आवश्यक कर्मचारी और मशीनरी उपलब्ध न होने पर 1,00,000 का जुर्माना लगाया गया. प्रभाग 6 (विलासनगर-मोरबाग) में 14 मार्च को काम शुरू नहीं करने पर 50,000 का दंड लगाया गया. प्रभाग 4 (जमील कॉलोनी-लालखड़ी) में 14 और 15 मार्च को काम शुरू न होने पर 1,00,000 का जुर्माना किया गया. इस प्रकार पार्ट-1 और पार्ट-2 की त्रुटियों के लिए कुल 9,65,000 का दंड कंपनी पर लगाया गया है.
महानगरपालिका ने स्पष्ट किया है कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.