डीपीएस अमरावती में ‘सृजन’ सांस्कृतिक प्रतियोगिता का भव्य आयोजन

कृष्णा सदन ने हासिल किया प्रथम स्थान

लोकनृत्य, गीत-संगीत और ऑर्केस्ट्रा की प्रस्तुतियों ने मोहा मन
अमरावती/दि.13 – दिल्ली पब्लिक स्कूल अमरावती में विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने तथा उनके सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अंतरसदनीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता ‘सृजन’ का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गीत-संगीत, वाद्य वादन और लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुतियां देकर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया. पूरे परिसर में उत्साह और आनंद का वातावरण रहा.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में तबला वादक एवं आकाशवाणी कलाकार स्वप्निल मुकुंद सरदेशमुख, कथक प्रोफेसर विद्या सावले तथा संगीत शिक्षक अंबिका बदनखे उपस्थित रहे. उन्होंने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया. इस अवसर पर स्कूल के प्रो-वाइस चेयरमैन डोलेंद्र पाटिल और प्रबंधन समिति की सदस्य अंजलि पटले की विशेष उपस्थिति रही. कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और नटराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा मुख्य अतिथियों, प्रो-वाइस चेयरमैन, प्राचार्य और उपप्राचार्य द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ. इसके बाद मुख्य अतिथियों का स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया. प्राचार्य ने प्रेरणादायी संबोधन के माध्यम से विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया.
इस वर्ष प्रतियोगिता की मुख्य थीम ‘विभिन्न संस्कृतियों का संगम’ रखी गई थी. इसमें स्कूल के चार सदनों-प्राणहिता, गोदावरी, कृष्णा और भीम-के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. प्रस्तुतियों में उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित भारत के विभिन्न राज्यों तथा मोरक्को, नामीबिया, अंगोला और सूडान जैसे देशों की सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिली. कार्यक्रम की शुरुआत मराठी समूहगान से हुई, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. इसके बाद विद्यार्थियों ने अंग्रेजी समूहगान प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं. भारतीय वाद्ययंत्रों के साथ कांगो, ड्रम्स, गिटार और कीबोर्ड जैसे पाश्चात्य वाद्ययंत्रों की संगत ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया. ऑर्केस्ट्रा और रॉक बैंड की प्रस्तुतियों ने दर्शकों में उत्साह भर दिया. वहीं, भारत के विभिन्न क्षेत्रों के लोकनृत्यों के माध्यम से विद्यार्थियों ने देश की सांस्कृतिक विविधता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया.
निर्णायकों ने प्रस्तुतियों की गुणवत्ता और तकनीकी उत्कृष्टता के आधार पर परिणाम घोषित किए. इसमें कृष्णा सदन ने प्रथम, प्राणहिता सदन ने द्वितीय और गोदावरी सदन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. मुख्य अतिथियों ने विजेता सदन को पुरस्कार प्रदान किए और सभी प्रतिभागियों की कला एवं मेहनत की सराहना की. स्कूल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्राचार्य ने प्रतियोगिता की सफलता पर विद्यार्थियों को बधाई दी. साथ ही संगीत, नृत्य एवं अन्य विषयों के शिक्षकों सहित शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के योगदान की प्रशंसा की. ‘सृजन’ के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही विभिन्न संस्कृतियों को समझने और उनका सम्मान करने का अवसर मिला.

 

Back to top button