मुझे भी शिवसेना में प्रवेश के लिए ‘ऑफर’ मिली थी
राजनीतिक दुश्मनी कभी स्थायी नहीं होती

* विधायक रवि राणा का खुलासा, बच्चू कडू को दी शुभकामनाएं
अमरावती/दि.1- राजनीति में कोई भी स्थायी मित्र या शत्रु नहीं होता, ऐसा कहा जाता है. इसका अनुभव जिले की हाल की राजनीतिक घटनाओं से देखने को मिल रहा है. प्रहार जनशक्ति पार्टी के संस्थापक और पूर्व राज्यमंत्री बच्चू कडू ने आज शिंदे गुट में जाहीर प्रवेश किया. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में मुंबई में यह पार्टी प्रवेश समारोह सम्पन्न हुआ. इसी दौरान शिंदे गुट में प्रवेश करते ही बच्चू कडू को विधान परिषद की उम्मीदवारी भी मिल गई. इस बीच बच्चू कडू के कट्टर विरोधी विधायक रवि राणा ने उन्हें शुभकामनाएं भी दीं और साथ ही एक बड़ा खुलासा किया.
* खुलासा क्या है?
रवि राणा ने कहा, कुछ दिनों पहले मेरी शिवसेना नेता आशीष जयस्वाल और संजय राठोड़ से बातचीत हुई थी. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी मुझसे कहा था कि आपको शिवसेना में आना चाहिए. लेकिन मैंने उन्हें स्पष्ट रूप से कहा कि मैं देवेंद्र फडणवीस का कार्यकर्ता हूं और राजनीति में जब तक रहूंगा, तब तक देवेंद्र फडणवीस के साथ निष्ठा से रहूंगा.
* रवि राणा ने दी शुभकामनाएं
रवि राणा ने बच्चू कडू को विधायक पद के लिए शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने कहा कि शिवसेना को मजबूत करने के लिए एकनाथ शिंदे ने बच्चू कडू को पार्टी में शामिल किया, यह उनका पार्टी का निर्णय है. इसलिए मेरी ओर से बच्चू कडू को शुभकामनाएं हैं. अब सभी को मिलकर महायुति धर्म का पालन करना चाहिए और जिले का विकास करना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि बच्चू कडू ने मेरे जन्मदिन के दिन फोन करके शुभकामनाएं दी थीं. कुछ दिनों पहले मुझे एकनाथ शिंदे का भी फोन आया था और उन्होंने ही बच्चू कडू के पार्टी प्रवेश की जानकारी दी थी.
* राजनीतिक दुश्मनी कभी स्थायी नहीं होती
रवि राणा ने कहा कि बच्चू कडू जैसे अच्छे कार्यकर्ता को शिवसेना को मजबूत करने के लिए मौका मिला है. राजनीति में कभी भी टकराव स्थायी नहीं होता. लोकसभा में नवनीत राणा की हार में किसका बड़ा योगदान था, यह जनता जानती है. जनता ने उसका हिसाब भी लिया था. इसलिए अब महायुति धर्म का पालन करते हुए लोकसभा और विधानसभा में एक साथ काम करना चाहिए. राजनीति में दुश्मनी कभी स्थायी नहीं होती.





