नीट एक्झाम रद्द, लाखों विद्यार्थी चिंतित

पर्चा लीक होने के कारण फैसला

नई दिल्ली/दि.12 – मेडिकल, डेंटल प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली ‘नीट’ परीक्षा आखिरकार रद्द कर दी गई है. 3 मई 2026 को हुई इस परीक्षा को रद्द करने का फैसला राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद लिया है. इस फैसले से लाखों विद्यार्थियों में चिंता का माहौल है, हालांकि एनटीए ने आगे की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी दी है.
* परीक्षा रद्द क्यों हुई?
एनटीए द्वारा 10 मई को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए गए थे. ‘सिस्टम’ की विश्वसनीयता बनाए रखने और ईमानदार विद्यार्थियों का नुकसान रोकने के लिए परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है. वहीं, इस पूरे मामले की गहन जांच अब उइख (केंद्रीय जांच ब्यूरो) को सौंप दी गई है.
* दोबारा रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं:
जिन विद्यार्थियों ने मई 2026 की परीक्षा के लिए पहले ही पंजीकरण किया था, उनका डेटा और एडमिशन पुनर्परीक्षा के लिए उसी तरह मान्य रहेगी. इसलिए विद्यार्थियों को दोबारा आवेदन भरने या नया रजिस्ट्रेशन करने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है. विद्यार्थियों ने मई महीने की परीक्षा के लिए जो केंद्र चुने थे, वही केंद्र पुनर्परीक्षा के लिए भी बनाए रखे जाएंगे. केंद्रों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है.
एनटीए ने विद्यार्थियों को बड़ा आर्थिक राहत दी है. पुनर्परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. खास बात यह है कि विद्यार्थियों द्वारा पहले जमा किया गया परीक्षा शुल्क पूरी तरह वापस किया जाएगा. पुनर्परीक्षा का पूरा खर्च एनटीए अपने आंतरिक फंड से वहन करेगा.
* पुनर्परीक्षा जल्द
परीक्षा की नई तारीख अभी घोषित नहीं की गई है. छढ- ने स्पष्ट किया है कि पुनर्परीक्षा का शेड्यूल और नया प्रवेश पत्र डाउनलोड करने से संबंधित जानकारी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी.
सोशल मीडिया पर फैल रही अनधिकृत खबरों या अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील एनटीए ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से की है. परीक्षा से जुड़े आगे के अपडेट्स के लिए केवल एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट ही देखें.

* ‘नीट’ पेपर लीक के पीछे महाराष्ट्र कनेक्शन!
– जयपुर से लीक हुआ पेपर नाशिक में प्रिंट होने का शक
नाशिक – नीट परीक्षा एक बार फिर विवादों में घिर गई है. 3 मई को हुई परीक्षा का पेपर लीक होने के कारण इस परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया है. इसी बीच अब इस मामले में बड़ी अपडेट सामने आई है. जांच में खुलासा हुआ है कि इस पेपर लीक का केंद्र नाशिक था, जिससे शैक्षणिक क्षेत्र में बड़ी हलचल मच गई है. जयपुर की पेपर तैयार करने वाली एजेंसी से यह पेपर सबसे पहले लीक हुआ और उसकी पहली कॉपी नाशिक में निकाली गई, ऐसा सामने आया है. मिली जानकारी के अनुसार, जयपुर से पेपर लीक होने के बाद उसे नाशिक लाया गया. नाशिक में इस पेपर की पहली प्रिंट निकाली गई. इसके बाद यह पेपर हरियाणा भेजा गया, जहां उसके 10 अलग-अलग सेट तैयार करके देश के अन्य राज्यों में वितरित किए गए. इस पूरी श्रृंखला में नाशिक एक महत्वपूर्ण केंद्र होने की बात सामने आई है.
* पुलिस की बड़ी कार्रवाई
इस मामले में नाशिक पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इंदिरानगर इलाके के एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है. इस व्यक्ति का और कुछ नामी कोचिंग क्लासेस का इस पेपर लीक से क्या संबंध है, इसकी जांच अब पुलिस कर रही है. हिरासत में लिए गए संदिग्ध का मोबाइल जब्त कर लिया गया है और उसमें मौजूद डेटा के आधार पर कई बड़े नामों का खुलासा होने की संभावना है. नाशिक पुलिस केवल इस एक संदिग्ध की ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य कुछ संदिग्ध क्लासेस और व्यक्तियों से भी पूछताछ कर रही है. यह पेपर कितने छात्रों को बेचा गया और इसके लिए कितने पैसों का लेन-देन हुआ, इसका पता लगाना अब पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है.

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