बाजोरिया के आधे-अधूरे एफेडेविट पर उठी आपत्ति
11 पन्नों के एफेडेविट में पूरी जानकारी नहीं रहने पर आक्षेप

* एफेडेविट के अंत में बाजोरिया के हस्ताक्षर भी नहीं रहने का आरोप
* प्रतिस्पर्धी प्रत्याशियों की ओर से जिलाधीश के समक्ष उठाया गया ऑब्जेक्शन
* आज शाम 5 बजे जिलाधीश के सामने होगी सुनवाई, फैसले पर टिकी सभी की निगाहें
* बाजोरिया का नामांकन रद्द होने के ‘फिफ्टी-फिफ्टी चांसेस’
अमरावती/दि.2 – आगामी 18 जून को विधान परिषद की सीट के लिए अमरावती स्वायत्त निकाय निर्वाचन क्षेत्र में होने जा रहे चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के तहत कल नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन मूलतः अकोला से वास्ता रखनेवाले हिंगोली-परभणी के पूर्व विधायक विप्लव बाजोरिया द्वारा निर्दलिय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया गया. लेकिन उनके प्रतिस्पर्धी रहनेवाले भाजपा प्रत्याशी प्रवीण पोटे पाटिल, काँग्रेस प्रत्याशी हर्षजीत देशमुख एवं निर्दलिय प्रत्याशी प्रशांत महल्ले के प्रतिनिधियों द्वारा बाजोरिया के नामांकन एवं एफेडेविट को आधा-अधूरा बताते हुए आपत्ति दर्ज की गई. साथ ही बाजोरिया के नामांकन को अवैध व अपात्र करार देते हुए खारिज किए जाने की मांग भी उठायी. इसके चलते जिलाधीश आशीष येरेकर ने इस मामले में सुनवाई हेतु आज शाम 5 बजे का समय मुकर्रर किया. ऐसे में अब सभी की निगाहें शाम 5 बजे होनेवाली सुनवाई के बाद जिलाधीश आशीष येरेकर द्वारा विधान परिषद चुनाव के जिला निर्वाचन अधिकारी के तौर पर दिए जाने वाले फैसले की ओर लगी हुई है.
बता दे कि गत रोज विधान परिषद के चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन भाजपा प्रत्याशी के तौर पर पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे पाटिल, काँग्रेस प्रत्याशी के तौर पर हर्षजीत देशमुख, वंचित बहुजन आघाडी प्रत्याशी के तौर पर चांदूर रेल्वे न.प. के स्विकृत पार्षद डॉ. निलेश विश्वकर्मा तथा निर्दलिय प्रत्याशी के तौर पर पूर्व विधायक विप्लव बाजोरिया एवं प्रशांत महल्ले ऐसे कुल 5 प्रत्याशीयों द्वारा अपने नामांकन आवेदन प्रस्तुत किये गए थे. जिनकी आज सुबह 11 बजे से जिलाधीश आशीष येरेकर के कक्ष में जांच पडताल करने का काम शुरू किया गया. इसी दौरान भाजपा प्रत्याशी प्रवीण पोटे पाटील तथा काँग्रेस प्रत्याशी हर्षजीत देशमुख सहीत निर्दलिय प्रत्याशी प्रशांत महल्ले की ओर से उनके प्रतिनिधियों ने पूर्व विधायक विप्लव बाजोरिया द्वारा प्रस्तुत किये गए नामांकन आवेदन एवं चुनावी हलफनामे पर यह कहते हुए अपनी आपत्ति दर्ज करायी कि बाजोरिया की ओर से पेश किया गया एफेडेविट आधा-अधूरा है. जिसके चलते बाजोरिया के नामांकन को खारिज किया जाना चाहिए. इस समय जहां एक ओर पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे पाटिल शहर के वरिष्ठ विधिज्ञ एवं मनपा के स्विकृत पार्षद एड. प्रशांत देशपांडे सहीत अपने कुछ सहयोगियों के साथ जिलाधीश कार्यालय पहुंच गए थे. वहीं काँग्रेस प्रत्याशी हर्षजीत देशमुख की ओर से सांसद बलवंत वानखडे के स्वीय सहायक ओमप्रकाश झोड ने भी अपनी आपत्तीवाला पत्र जिलाधीश के सुपुर्द किया था. खास बात यह रही कि इन तमाम बातों की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक बाजोरिया पिता-पुत्र की जोडी भी अपने साथ चार वकिलों को लेकर जिलाधीश कार्यालय पर दस्तक दी गई और सभी ने जिलाधीश के सामने अपना-अपना पक्ष रखने का प्रयास किया. जिसके चलते जिलाधीश येरेकर ने इस मामले में सभी पक्षों का युक्तीवाद सुनते हुए सुनवाई करने के लिए शाम 5 बजे का समय तय किया. जिसके चलते अब सभी की निगाहें शाम 5 बजे होनेवाली सुनवाई की ओर लगी हुई है. साथ ही इस बात को लेकर भी उत्सुकता देखी जा रही है कि पूर्व विधायक बाजोरिया का नामांकन ‘स्टैंड’ रह पाता है अथवा नहीं.
किन बातों को लेकर उठाई गई है आपत्ति?
इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के लिए निर्दलिय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरनेवाले पूर्व विधायक विप्लव बाजोरिया के नामांकन में चार मुद्दों पर ऐतराज उठाया गया है. जिसमें कहा गया है कि, नामांकन में जोडे गए शपथपत्र में विप्लव बाजोरिया की संपूर्ण जानकारी शपथपूर्वक नहीं है. बाजोरिया ने अपने शपथपत्र में 11 पन्ने जोडे है और 11वें पन्ने पर खत्म होनेवाली शपथ के अंत में उनके हस्ताक्षर नहीं है. साथ ही प्रत्येक पन्ने को भी बाजोरिया द्वारा साक्षांकित नहीं कराया गया. इसके बाद पृष्ठ क्रमांक 12 से 27 तक रहनेवाला परिशिष्ठ भी मूल शपथपत्र का हिस्सा नहीं माना जा सकता. जिसे बाजोरिया द्वारा खुद स्विकार व मंजूर किया गया है. परिशिष्ठ इस शब्द का उपयोग किए जाने से उसके अंतर्गत भाग शपथपूर्वक होना चाहिए. इसलिए फॉर्म नंबर 26 की पूर्ति नहीं होती है. ऐसे में बाजोरिया के एफेडेविट व उनके नामांकन को आधा-अधूरा माना जाना चाहिए. साथ ही आधा-अधूरा नामांकन पेश किए जाने के चलते बाजोरिया की दावेदारी को खारिज करते हुए उनके नामांकन को अवैध व अपात्र ठहराया जाना चाहिए.
इस पूरे मामले को लेकर जानकारी व प्रतिक्रिया हेतू संपर्क किए जाने पर उपजिला चुनाव अधिकारी शिवाजी शिंदे ने बाजोरिया के नामांकन में एफिडेविट को लेकर आक्षेप उठाए जाने की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि आज ही शाम 5 बजे सुनवाई रखी गई है. उपरांत निर्णय सभी को बताया जाएगा.