इंसान को हमेशा अपना चरित्र बनाए रखते हुए नेक और नशामुक्त जीवन जीना चाहिए- प्रमोद पोकले

सुसंस्कार शिविर में भगवान बुद्ध की चरित्र पर ज्ञान

अमरावती/दि.2- भगवान गौतम बुद्ध, जिन्होंने पूरी इंसानियत को ज्ञान, नैतिकता और दया का संदेश दिया और दुनिया में दुख खत्म करने और दुनिया में शांति का रास्ता दिखाया, उन्होंने महल और शान-शौकत छोड़कर कठोर ध्यान से बुद्धत्व प्राप्त किया. उन्होंने अपने पहले उपदेश में जो पांच नियम सिखाए, वे दुनिया के सभी धर्मों, पंथों और संप्रदायों के मूल सिद्धांत और सार हैं. चोरी करना, झूठ बोलना, हिंसा करना, व्यभिचार करना और नशा करना पाप हैं और दुनिया का कोई भी धर्म इन्हें मान्यता नहीं देता. इसलिए, इंसान को हमेशा अपना चरित्र और नैतिकता बनाए रखते हुए नेक और नशा-मुक्त जीवन जीने की कोशिश करनी चाहिए, ऐसा दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो के लोक कलाकार प्रमोद पोकाले गुरुजी ने कहा.
श्री गुरुदेव ने राष्ट्रधर्म युवा मंच द्वारा पार्वती नगर-3 में संकटमोचन हनुमान मंदिर के बड़े प्रांगण में राष्ट्रधर्म प्रचार समिति के करिकुलम के अनुसार आयोजित बच्चों के बड़े कल्चर कैंप का दौरा किया और पहचान ही सुंदर जीवन है विषय पर बोल रहे थे. आगे बोलते हुए पोकाले गुरुजी ने कहा कि इस कैंप से पैदा होने वाली, व्यसन मुक्त और चरित्रवान पीढ़ी ही उज्ज्वल भारत का सपना साकार कर सकती है. पूरी तरह से पब्लिक पार्टिसिपेशन के आधार पर चलने वाले इस ऑल-राउंड कल्चरल कैंप में, महान संतों की जीवनी की पढ़ाई, कम्युनिटी मेडिटेशन, सूर्य नमस्कार, योग आसन, प्राणायाम, लाठी चलाना, कराटे, लेझिम, कम्युनिटी शाम की प्रार्थना, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, आत्मनिर्भरता, देशभक्ति, अलग-अलग टॉपिक पर बौद्धिक चर्चा, साथ ही भजन गाना और अलग-अलग मनोरंजक आउटडोर गेम्स वगैरह जैसे आदर्श डेली रूटीन पर सेवाभावी टीचर्स द्वारा गाइडेंस दी जा रही है.
इस मौके पर कैंप के आयोजक कृष्ण बैलमारे, श्याम संके, अंकुश मानकर, शुभम झाड़े, विजय जयसिंगपुरे, रूपेश मोरे, कुणाल खडसे, तेजस गोठारकर, सौरभ खेतखेड़े, मृणाल बैलमारे, श्रुति संके, प्रवीण शेगोकर, विनय खेडकर, सीताराम भेलकर, बाबूराव उवाल आदि मौजूद थे. इस मौके पर आयोजन समिति की ओर से प्रमोद पोकाले गुरुजी का सम्मान किया गया.

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