6 माह से 59 मरीजों की रुग्ण सहायता निधि का मामला अधर में
मनपा की आमसभा के सामने आई जानकारी

* गंभीर बीमारियों के इलाज हेतु मनपा देती है 10 हजार की सहायता
अमरावती /दि.21- कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, हृदय विकार व किडनी जैसी गंभीर बीमारियों से पीडित मरीजों के इलाज हेतु अमरावती महानगर पालिका द्वारा 10 हजार रुपए की चिकित्सा सहायता निधि प्रदान की जाती है. जिसके चलते ऐसी गंभीर बीमारियों से पीडित रहनेवाले तथा आर्थिक रुप से कमजोर मरीजों द्वारा यह सहायता राशि मिलने हेतु अमरावती मनपा के पास आवेदन करते हुए प्रस्ताव दाखिल किए जाते है. परंतु विगत 6 माह से अमरावती मनपा के पास ऐसे करीब 59 प्रस्ताव विचाराधीन यानि प्रलंबित पडे है. जिसे लेकर गत रोज हुई आमसभा में मनपा प्रशासन से सवाल भी पूछा गया. जिसके जवाब में खुद मनपा प्रशासन द्वारा विगत 6 माह से चिकित्सा सहायता निधि मिलने हेतु 59 मरीजों के प्रस्ताव प्रलंबित रहने की जानकारी दी गई.
गत रोज पार्षद शारदा खोंडे द्वारा आर्थिक रुप से कमजोर रहनेवाले कितने मरीजों को मनपा द्वारा चिकित्सा सहायता निधि दी गई है, कितने मरीजों के प्रस्ताव प्रलंबित है और ऐसे प्रलंबित प्रस्तावों का निपटारा करते हुए संबंधित मरीजों को कब तक सहायता निधि उपलब्ध कराई जाएगी, इसे लेकर सवाल पूछा गया था. जिसके जवाब में मनपा के वैद्यकीय स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा बताया गया कि, अमरावती मनपा क्षेत्र में रहनेवाले गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों द्वारा समय-समय पर रुग्ण सहायता निधि मिलने हेतु प्रस्ताव दाखिल किए जाते है. ई-ऑफीस प्रणाली शुरु होने से पहले प्राप्त होनेवाले सभी प्रस्तावों को सार्वजनिक स्वास्थ विभाग द्वारा मुख्य लेखा अधिकारी के मार्फत उपायुक्त (सामान्य) के पास भेजा जाता था और उपायुक्त (प्रशासन) की ओर से प्रस्ताव पर मंजूरी प्राप्त होने के बाद उसका देयक तैयार कर मुख्य लेखा अधिकारी व मुख्य लेखा परिक्षक विभाग की ओर भेजा जाता था. यह कार्रवाई इससे पहले प्रस्तावधारक की मूल फाइल भेजकर की जाती थी, परंतु तत्कालीन उपायुक्त (प्रशासन) ने रुग्ण सहायता निधि के संदर्भ में लाभार्थियों की ओर से प्राप्त होनेवाले सभी प्रस्तावों को मंजूरी हेतु ई-ऑफीस प्रणाली के तहत मुख्य लेखा अधिकारी के मार्फत उपायुक्त (प्रशासन) के पास पेश करने का निर्देश दिया था. जिसके अनुसार नियमित तौर पर कार्रवाई चल रही है. इस नई कार्यपद्धति के तहत गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की ओर से सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव प्राप्त होते ही उसी दिन या अगले दिन ई-ऑफीस प्रणाली के मार्फत मुख्य लेखा अधिकारी विभाग को प्रस्ताव भेज दिया जाता है. जिसके चलते इस समय रुग्ण सहायता निधि से संबंधित कोई भी प्रस्ताव सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के पास प्रलंबित नहीं है, बल्कि विगत 6 माह के दौरान 59 प्रस्तावों को मुख्य लेखा अधिकारी के पास भेज दिया गया है. जिनका त्वरीत निपटारा करने हेतु संबंधितों को समय-समय पर मोबाइल फोन के जरिए अवगत भी कराया जा रहा है. जिसके चलते उम्मीद है कि, बहुत जल्द उन सभी 59 प्रस्तावों का निपटारा करते हुए संबंधित मरीजों को रुग्ण सहायता निधि उपलब्ध करा दी जाएगी.