पोटे की टिकट काटने में नाकाम रहे राणा दम्पति
भाजपा शहराध्यक्ष डॉ. धांडे की दावेदारी को किया था आगे

* डॉ. धांडे ने भी जमकर शुरू किया था संपर्क अभियान, तैयारी में जुटे थे
* भाजपा ने राणा दम्पति के विरोध को दरकिनार कर पोटे का नाम किया फाईनल
अमरावती/दि.26- जिले के पूर्व पालकमंत्री रह चुके प्रवीण पोटे पाटिल तथा पूर्व सांसद नवनीत राणा व विधायक रवि राणा के बीच विगत कई वर्षों से राजनीतिक अदावत वाली स्थिति बनी हुई हैं. यद्यपि लोेकसभा चुनाव के समय दोनों पक्षों के बीच बर्फ कुछ पिघलती नजर आई थी. लेकिन लोकसभा चुनाव के नतीजो में दोनों पक्षों के बीच दरार को और अधिक बढाने का काम किया यही वजह रही कि स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद की सीट हेतु पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे पाटिल को भाजपा की ओर से उम्मीदवार बनाए जाने का राणा दम्पति द्बारा पूरजोर विरोध किया जा रहा था और पूरे प्रयास किए जा रहे थे कि भाजपा द्बारा पूर्वमंत्री पोटे की बजाय भाजपा शहराध्यक्ष डॉ. नितीन धांडे को विधान परिषद के चुनाव हेतु अपना प्रत्याशी बनाया जाए. लेकिन राणा दम्पति द्बारा किए गए सभी तरह से प्रयास पूरी तरह से नाकाम साबित हुए है. क्योंकि भाजपा ने विधान परिषद के चुनाव हेतु पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे पाटिल को अपना प्रत्याशी बनाना लगभग तय कर लिया है. जिसके चलते अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि भाजपा प्रत्याशी प्रवीण पोटे पाटिल की दावेदारी का सिधे तौर पर विरोध करने की बजाय अब राणा दम्पति द्बारा संभवत: विधान परिषद चुनाव की प्रक्रिया से खुद को कुछ हद तक दूर रखा जा सकता है.
बता दें कि भाजपा में विगत लंबे समय से सक्रिय रहनेवाले विदर्भ युथ वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. नितीन धांडे को जब भाजपा का शहराध्यक्ष बनाया गया तो उसी समय यह कहा गया था कि उन्हें यह पद भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा की वजह से मिला है. क्योंकि वे राणा खेमे के कट्टर समर्थक थे. यही वजह रही कि मनपा चुनाव के समय भी भाजपा एवं युवा स्वाभिमान पार्टी के बीच सीटों के बटवारे को लेकर कई तरह की चर्चाएं हुई थी. वहीं अब राणा दम्पति ने पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे के साथ अपना पूराना हिसाब किताब पूरा करने के लिए विधान परिषद के चुनाव में उनकी दावेदारी का विरोध करने के साथ ही विधान परिषद के लिए भाजपा प्रत्याशी के तौर पर डॉ. नितीन धांडे के नाम को आगे बढाना शुरू किया था.
राणा दम्पति की ओर से मिल रहे साथ व समर्थन के चलते डॉ. नितीन धांडे ने भी चुनाव लडने की तैयारी शुरू करते हुए जिले के विभिन्न निकायों के मतदाता सदस्यों के साथ संपर्क करना शुरू कर दिया था. साथ ही साथ विधान परिषद चुनाव में अपनी संभावित दावेदारी को ध्यान में रखते हुए भाजपा शहराध्यक्ष डॉ. नितीन धांडे ने विगत दिनो अपने जन्मदिवस पर भव्य-दिव्य कार्यक्रम आयोजित करते हुए एक तरह से अपना शक्ति प्रदर्शन भी किया था. जिसमें पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की मौजूदगी थी. लेकिन उस कार्यक्रम में निकायों के भाजपा जनप्रतिनिधियों की अपेक्षित उपस्थिति दिखाई नहीं दी थी. उस वक्त पूर्व सांसद नवनीत राणा, मनपा के स्वीकृत पार्षद प्रा.डॉ. संजय तीरथकर पार्षद सुनील काले तथा भाजपा पदाधिकारी सुनिल खराटे जैसे कुछ गिने चुने भाजपा नेता व पदाधिकारी ही दिखाई दिए थे. तभी से यह माना जाने लगा था कि संभवत: पोटे के खिलाफ राणा के प्रयास कुछ कम पड रहे हैं और डॉ. धांडे की दावेदारी पलडा थोडा हलका है. वहीं अब जब यह लगभग तय हो गया है कि भाजपा द्बारा पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे पाटिल को ही विधान परिषद के चुनाव हेतु अपना दावेदार बनाया जा रहा है, तो यह स्पष्ट हो गया है कि पोटे की दावेदारी के खिलाफ राणा दम्पति द्बारा किए गए सभी तरह के प्रयास पूरी तरह से नाकाम हो साबित हो गए है.
ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा की भाजपा की ओर से पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे पाटिल को प्रत्याशी तय कर दिए जाने के बाद राणा दम्पति की अगली रणनीति क्या होगी.





