72 रूपए से घटकर 64 रूपए तक पहुंचे शक्कर के दाम

आयात के फैसले से लगी लगाम, 55 तक आने की संभावना

अमरावती/दि.25– पिछले कुछ दिनों में तेजी से बढी शक्कर की कीमतों पर अब केन्द्र सरकार की जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई के बाद लगाम लगने लगी है. खुदरा बाजार में 76 रूपए प्रति किलो तक पहुंची चीनी की कीमत दो दिनों में ही घटकर 64 रूपए पर आ गई है. सक्करसाथ के व्यापारियों ने बताया कि, आनवाले कुछ दिनों में इसके 55 रूपए के आसपास की आने की भी संभावना है. किंतु उसे अभी समय लगेगा. पिछले कुछ दिनों में शक्कर के दाम में अचानक बडी वृध्दि हुई थी. करीब 42 रूपए से 52 रूपए, उसके बाद 62 रूपए और आगे 75 रूपए प्रति किलो तक पहुंची कीमतों से उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर बडा असर पडा.
* देश में उत्पादन उम्मीद से कम
चीनी की कीमतों में वृध्दि के पीछे एक ही कारण नहीं है. घरेलू उत्पादन उम्मीद से कम रहना, त्यौहारों से पहले बढी मांग, मौसम के कारण गन्ने की फसल को हुआ नुकसान, वैश्विक चीनी आपूर्ति में कमी तथा कुछ तत्वों द्बारा जमाखोरी और सट्टेबाजी प्रमुख कारण है. व्यापारी संगठनों ने भी कहा है कि हाल की तेजी से वास्तविक कमी के बजाय सट्टेबाजी के कारण बढी है. त्यौहारों की मांग पूरी करने देश में पर्याप्त चीनी का भंडार उपलब्ध है.
* भंडारण पर सरकार की कडी नजर
जमाखारी पर अंकुश लगा केन्द्र सरकार ने 1 अगस्त से 30 नवंबर तक चीनी विक्रेताओं के लिए भंडारण सीमा लागू की है. विक्रेताओं को 4 हजार क्विंटल से अधिक चीनी रखने की अनुमति नहीं होगी. साथ ही प्राप्त स्टॉक को 30 दिनों से अधिक समय तक रखने पर भी रोक है. विक्रेताओं को अपने स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से घोषित करने के निर्देश दिए गए है.
* 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी का शुल्क मुक्त आयात
देश में चीनी की उपलब्धता बढाने के लिए केन्द्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी का शुल्क मुक्त आयात करने का निर्णय लिया है. यह आयात अक्तूबर के अंत तक करने की अनुमति दी गई है. आयात की घोषणा से बाजार में संभावित कमी की आशंका कम हुई है और चीनी की कीमतों में तेजी पर इसका तत्काल असर दिखाई दे रहा है. बाजार में चर्चा है कि पिछले दो सप्ताह की तेजी के दौरान जमाखोर तत्वों ने बडा मुनाफा कमाया. सरकार की कार्रवाइ्र से चीनी के दाम नीचे आने लग है. जिससे आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है.

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