हमारे संपर्क में भी कई लोग हैं!

मंत्री संजय शिरसाट के बयान से बढ़ी अटकलें

*‘ऑपरेशन टाइगर’ पर महाराष्ट्र में फिर सियासी हलचल
मुंबई /दि.25- महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े राजनीतिक फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है. शिवसेना (शिंदे गुट) के चर्चित ऑपरेशन टाइगर को लेकर मंत्री संजय शिरसाट के ताजा बयान ने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है. शिरसाट ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा राजनीतिक भूकंप देखने को मिल सकता है.
बता दें कि, पिछले कुछ वर्षों में महाराष्ट्र की राजनीति में कई बड़े उलटफेर हो चुके हैं. पहले एकनाथ शिंदे ने शिवसेना में बगावत कर भाजपा के साथ सत्ता स्थापित की, उसके बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में भी विभाजन हुआ और अजित पवार ने अलग राह पकड़ी. इन घटनाओं के बाद अब ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर फिर से चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं.
ज्ञात रहे कि, मंत्री संजय शिरसाट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, हमारे संपर्क में कई लोग हैं, इसे हम नकारते नहीं. ‘ऑपरेशन टाइगर’ बोलकर नहीं किया जाता. सही समय पर निर्णय लिया जाता है और वह अधिकार एकनाथ शिंदे के पास है. जब उचित समय आएगा, तब राज्य में राजनीतिक भूकंप देखने को मिलेगा.
मंत्री शिरसाट के इस बयान को विपक्षी दलों के कई नेताओं के संभावित पाला बदलने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिंदे गुट आगामी चुनावों से पहले विपक्ष को और कमजोर करने की रणनीति पर काम कर सकता है.
उल्लेखनीय है कि, हाल ही में आम आदमी पार्टी में हुई बड़ी टूट और उसके कई नेताओं के भाजपा में शामिल होने की घटनाओं के बाद महाराष्ट्र में भी वैसी ही राजनीतिक हलचल की अटकलें तेज हो गई हैं. शिरसाट के बयान के बाद यह चर्चा और गहरा गई है कि राज्य में भी कुछ बड़े नेता जल्द पाला बदल सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (शिंदे गुट) की नजर विशेष रूप से उन नेताओं पर है, जो अपने दलों में असहज महसूस कर रहे हैं या जिनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पूरी नहीं हो पा रही हैं. ऐसे नेताओं को साधने की रणनीति पर गंभीरता से काम किया जा रहा है.
* स्थानीय निकाय चुनावों से पहले सियासी रणनीति
राज्य में आगामी स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनावों को देखते हुए शिवसेना (शिंदे गुट) संगठन विस्तार में जुटी हुई है. हाल के दिनों में कई स्थानीय नेताओं और पदाधिकारियों ने शिंदे गुट का दामन थामा है. इससे पार्टी का आत्मविश्वास बढ़ा है और अब उसकी नजर बड़े चेहरों पर है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ऑपरेशन टाइगर सफल होता है, तो इसका सीधा असर आगामी चुनावों पर पड़ेगा और राज्य की सत्ता समीकरणों में फिर बड़ा बदलाव संभव है.
* विधान परिषद सीटों पर भी मंथन
मंत्री शिरसाट ने विधान परिषद की सीटों को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत दिए. उन्होंने कहा कि शिवसेना के हिस्से में विधान परिषद की दो सीटें हैं और इनके लिए 10 से 12 इच्छुक नेताओं के नाम चर्चा में हैं. इन नामों में बच्चू कडू और नीलम गोर्‍हे का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. हालांकि शिरसाट ने स्पष्ट किया कि अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और इस पर फैसला शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ही करेंगे. उन्होंने कहा कि हर नेता अपने स्तर पर प्रयास करता है, लेकिन अंतिम निर्णय नेतृत्व का होता है.
* बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
मंत्री संजय शिरसाट के बयान के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक अटकलों का दौर तेज हो गया है. विपक्ष इस बयान को सत्ता पक्ष की तोड़फोड़ की राजनीति बता रहा है, जबकि शिंदे गुट इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मान रहा है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि ऑपरेशन टाइगर महज राजनीतिक बयानबाजी साबित होता है या वास्तव में महाराष्ट्र की राजनीति में एक और बड़ा भूचाल लाता है.

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