जननेता प्रा. बी.टी. देशमुख की स्मृति में वृद्धाश्रम में श्रद्धांजलि

जरूरतमंदों को वितरित की गईं उपयोगी सामग्री

अमरावती/दि.6- नुटा संगठन की ओर से संस्थापक लोकनेता प्रा. बी.टी. देशमुख की स्मृति में भानखेड़ा स्थित मातोश्री वृद्धाश्रम में श्रद्धांजलि सभा एवं सामाजिक सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर वृद्धाश्रम में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों को दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री वितरित की गई.
कार्यक्रम में संत गाडगेबाबा अमरावती विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. मिलिंद बारहाते, नुटा के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण रघुवंशी, नगरसेवक मिलिंद चिमोटे, प्रा. बी.टी. देशमुख के भाई भरत देशमुख, मातोश्री वृद्धाश्रम के संचालक सु. गो. राऊत तथा नुटा के अमरावती जिलाध्यक्ष डॉ. तीर्थराज रॉय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. कार्यक्रम की शुरुआत प्रा. बी.टी. देशमुख के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई. डॉ. रवींद्र मुंद्रे ने प्रस्तावना में उनके सामाजिक एवं शैक्षणिक योगदान पर प्रकाश डाला. वहीं, सु. गो. राऊत ने शिक्षा, सिंचन आंदोलन और विभिन्न सामाजिक कार्यों में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. नुटा के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण रघुवंशी ने कहा कि प्रा. बी.टी. देशमुख ने शिक्षक हितों की रक्षा के लिए पूरे महाराष्ट्र में संघर्ष किया और संगठन के माध्यम से शिक्षकों को न्याय दिलाया. उन्होंने उनके विचारों को आगे बढ़ाने और संगठन को अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया. कुलगुरु डॉ. मिलिंद बारहाते ने प्रा. देशमुख से जुड़ी अपनी स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि उनके पिता और प्रा. देशमुख लंबे समय तक सामाजिक आंदोलनों में साथ रहे. शिक्षकों के प्रति उनकी निष्ठा और संघर्ष से उन्हें प्रेरणा मिली, जिसने विश्वविद्यालय के कुलगुरु के रूप में उनके कार्य को भी दिशा दी. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों के हाथों वृद्धाश्रम के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक उपयोगी सामग्री वितरित की गई. इस अवसर पर डॉ. रवींद्र मुंद्रे, डॉ. प्रवीण इंगले, डॉ. विलास ठाकरे, डॉ. उमेश कडू, डॉ. किशोर साबळे, डॉ. राजेश मिरगे, डॉ. सौरभ घोगरे, डॉ. दिनेश पुंड तथा कैलास चव्हाण सहित नुटा संगठन एवं विभिन्न सामाजिक आंदोलनों से जुड़े अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे.

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