मेडिकल कॉलेज के 400 करोड के टेंडर को किसने रद्द किया?
विधायक संजय खोडके के सवाल से मचा राजनीतिक हडकंप

अमरावती/ दि.4- अमरावती के प्रस्तावित सरकारी मेडिकल कॉलेज की निर्मिति में रहनेवाली दिक्कतें अब उजागर होकर सामने आ रही है. साथ ही अजीत पवार गुट वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और विधान परिषद सदस्य संजय खोडके ने प्रकल्प को लेकर चल रहा संदेहास्पद कामकाज उजागर किया है. दैनिक अमरावती मंडल को दी गई स्पष्ट व विस्फोटक मुलाकात में विधायक खोडके ने आरोप लगाया कि इस महाविद्यालय के निर्माण हेतु जारी किया गया 400 करोड रूपयों का टेंडर अपनी मर्जी वाले व्यक्ति को नहीं मिल रहा. केवल यह देखकर ही उस टेेंडर को जान बूझकर रद्द किया गया.
विधायक खोडके मुताबिक करीब 6 माह पूर्व सरकारी मेडिकल कॉलेज के निर्माण हेतु टेंडर मंगाया गया था. परंतु अब उसे अचानक ही रद्द कर दिया गया तथा अब नये सिरे से दूसरा टेंडर जारी किया गया है. जिसकी प्रक्रिया अभी शुरू होनी बाकी है. राजनीतिक स्तर पर हुए इस धक्कादायक निर्णय के चलते जिले की स्वास्थ्य सुविधा एक बार फिर अधर में लटक गई है. मंडल मीडिया हाउस के मंडल न्यूज चैनल द्बारा रिकार्ड किया गया यह साक्षात्कार इस समय फेसबुक, यूट्यूब व इस्टाग्राम पर जबर्दस्त तरीके से वायरल हो रहा है. जिसके जरिए स्थानीय राजनीतिक क्षेत्र में अच्छी खासी खलबली मची हुई है.
इस साक्षात्कार के दौरान विधायक संजय खोडके ने महाविद्यालय के लिए चुनी गई जगह के तकनीकी पेज पर भी विस्तार के साथ प्रकाश डाला और बताया कि राज्य सरकार ने बडनेरा निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत मौजे अलियाबाद में सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए 11.29 हेक्टेयर जमीन आवंटित की थी. परंतु जब एशियाई विकास बैंक के पथक ने इस प्रकल्प व आर्थिक मदद देने हेतु दस्तावेजों की पडताल करनी शुरू की तो पता चला कि उक्त जमीन आयडेंटीफाइड फॉरेस्ट यानी वन विभाग के अधिकार क्षेत्र वाली जमीन खुद वन विभाग ने ली. इस संदर्भ में लिखित पत्र देते हुए उक्त जमीन अपनी रहने की बात स्पष्ट की है.
इसी गंभीर बात पर उंगली रखते हुए विधायक संजय खोडके ने प्रशासन को जमकर आडे हाथ लेते हुए सवाल जानना चहा कि यदि कोई सामान्य व्यक्ति अपना घर बनाता है तो अपनी जमीन के मालकी हक को लेकर 10 बार पडताल करता है तो फिर इतने बडे सरकारी प्रकल्प को लेकर प्रशासन की ओर से इतनी बडी गलती कैसे भी इस जमीन को जानबूझकर चुना गया. या फिर इसके पीछे कोई राजनीतिक दबाव था. इसकी सघन जांच होनी चाहिए, ऐसी मांग करते हुए विधायक संजय खोडके ने कहा कि उन्होंने इस सवाल को विधान परिषद में भी उठाया है.
जमीन के चयन से संबंधित सामाजिक पक्ष रखते हुए विधायक संजय खोडके ने कहा कि अमरावती शहर एवं जिला सामान्य अस्पताल से मौजे आलियाबाद वाली जगह करीब 12 किमी दूर है. जहां पर आने जाने के लिए केवल ऑटो रिक्शा पर ही एक बार के लिए 200 रूपए खर्च करने होंगे. यदि कोई मरीज 4-5 दिन के लिए मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में भर्ती रहता है तो उसके रिश्तेदारों को अमरावती से अस्पताल आने जाने में ही 800 से 1000 रूपए खर्च करने पडेंगे. ऐसा करना सर्वसामान्यों के लिए किसी भी लिहाल से संभव नहीं होगा. इस बात के मद्देनजर उक्त सरकारी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल शहर के बीचोंबीच ही रहना जरूरी है. ताकि उसका सही अर्थो में मेडिकल विद्यार्थियों सहित जिले के सर्वसामान्य मरीजों को फायदा हो.
विधायक रवि राणा द्बारा जमीन की अदलाबदली को लेकर दिए गये सुझाव व पर्याय की आलोचना करते हुए विधायक संजय खोडके ने कहा कि वन विभाग से जमीन का हस्तांतरण प्राप्त करना बेहद क्लीष्ट एवं कई वर्षो तक चलनेवाली प्रक्रियाएं मेलघाट में रास्ते व सिंचाई प्रकल्प ऐसे ही तकनीकी कारणों के चलते विगत कई दशकों से लटके पडे हैं. ऐसे में मेडिकल कॉलेज को भी इसी तरह के वनवास में भेजना जिले की स्वास्थ्य सेवा के लिहाज से घातक साबित होगा. इसी बात को ध्यान में रखते हुए विधायक सुलभा खोडके ने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को एक प्रस्ताव दिया है. जिसमें शहर में उपलब्ध रहनेवाली 4 जमीनों का पर्याय सुलझाया गया है. जिनमें जिला स्त्री अस्पताल व सुपर स्पेशालिटी परिसर की 23 एकड जमीन, कृषि विद्यापीठ की 75 एकड जमीन में से 25 एकड जमीन, मोसीकाल कारखाने की 25 एकड जमीन तथा मौजे रहाटगांव में खाली पडी सरकारी जमीन का समावेश है. इन सभी जमीनों के अधिग्रहण में कोई भी कानूनी दिक्कत नहीं रहने के चलते वहां पर तुरंत निर्माण कार्य शुरू हो सकता है. ऐसा विश्वास भी विधायक संजय खोडके द्बारा जताया गया.
इस साक्षात्कार के अंत में विधायक संजय खोडके ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति या पार्टी से जुडा मसला नहीं है. बल्कि यह पूरे जिले के हितों से जुडा मामला है. जिसके चलते वे जिले के दोनों सांसदों एवं सभी विधायकों को साथ लेकर मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ चर्चा करेंगे. अमरावतीवासियों के लिए सुविधापूर्ण एवं सुसज्जित मेडिकल कॉलेज व अस्पताल अमरावती शहर में ही बने इसके लिए वे पूरी तरह से प्रतिबध्द है, ऐसा भी विधायक संजय खोडके द्बारा कहा गया.