10 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले को लेकर युवक कांग्रेस आक्रामक

दोषी तहसीलदारों की बर्खास्तगी की मांग

* जिलाधिकारी आशीष येेरेकर को सौंपा ज्ञापन
अमरावती/दि.11 – वरुड और मोर्शी तहसीलों में सीलिंग, भूदान, पायलट योजना तथा अवैधानिक गोत्र योजना के अंतर्गत कृषि प्रयोजन के लिए आवंटित जमीनों के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं से सरकार को लगभग 10 करोड़ रुपये का नुकसान होने के मामले में युवक कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपनाया है. अनिकेत ढेंगले के नेतृत्व में युवक कांग्रेस पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी आशीष येरेकर को ज्ञापन सौंपकर मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. ज्ञापन में तत्कालीन तहसीलदार किशोर गांवडे, गजेंद्र मालठाणे, नंदकिशोर घोड़ेसवार, पंकज चव्हाण, रवींद्र चव्हाण, राहुल पाटिल, चारुदत्त पाटिल, सागर धवले और विनोद वानखड़े को सरकारी सेवा से स्थायी रूप से बर्खास्त करने का प्रस्ताव सरकार को भेजने की मांग की गई है.
ज्ञापन में कहा गया कि मोर्शी के उपविभागीय अधिकारी प्रदीप कुमार पवार द्वारा 30 जुलाई 2025 और 4 अगस्त 2025 को प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि संबंधित तहसीलदारों ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए क्लास-2 की जमीनों को अवैध रूप से क्लास-1 में परिवर्तित किया. बाद में उपजिलाधिकारी (राजस्व) ने भी इस रिपोर्ट से सहमति जताते हुए इसे जिलाधिकारी को सौंपा था. युवक कांग्रेस ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट सामने आने के बावजूद एक वर्ष बीत जाने पर भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. संगठन ने जिला कलेक्टर पर दोषी अधिकारियों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया.
ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी गई कि यदि आगामी सात दिनों के भीतर संबंधित तहसीलदारों की बर्खास्तगी का प्रस्ताव सरकार को नहीं भेजा गया, तो अनिकेत ढेंगले के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू किया जाएगा. युवक कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए प्रशासन जिम्मेदार रहेगा. इस अवसर पर संतोष टिंगणे, वैभव देशमुख, आशीष यादव, शुभम बाबल, पवन ढोबले, हर्षल साखरकर, चेतन राउत, विक्की यादव सहित बड़ी संख्या में युवक कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे.

Back to top button