736 करोड अटके, भुगतान के लिए तरसे
डेढ साल से 400 सरकारी ठेकेदारों का बिल बकाया

राज्य में अब तक 9 ठेकेदारों की आत्महत्या का दावा
आंदोलन की चेतावनी
अमरावती / दि. 10– लोकनिर्माण विभाग के तहत सडक और पुल निर्माण करने वाले ठेकेदारों की अमरावती जिले में 736.09 करोड रूपए का भुगतान डेढ साल से अटका है. निर्माण कार्य पूरे करने के बाद भी राशि नहीं मिलने से 400 से अधिक ठेकेदार आर्थिक संकट से जूझ रहे है. विदर्भ ठेकेदार संगठन के अनुसार राज्य में अब तक 9 ठेकेदार आत्महत्या कर चुके है. इसी समस्या से जूढ रहे वरूड तहसील के जरूड में सरकारी ठेकेदार सुनील वागद्रे ने बुधवार को फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के बाद जिले के सभी सरकारी ठेकेेदार बकाया भुगतान के लिए शासन पर दबाव बनाने लामबंद हो रहे है.
लोकनिर्माण विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अमरावती जिले में 400 से अधिक सरकारी ठेकेदार है. जिले के चार विभागों में राज्य महामार्ग के 156 निर्माण कार्य और 19 पुलों के निर्माण के 203.99 करोड रूपए के बिल लंबित है. वहीं प्रमुख जिला मार्गो के 441 निर्माण कार्यो और 35 पुलों के निर्माण के 442.10 करोड रूपए का भुगतान बाकी है. इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में सडक निर्माण के करीब 90 करोड रूपए बकाया है. इस तरह कुल लंबित राशि 736.09 करोड रूपए तक पहुंच गई है.
* ‘शासन ने ली बलि’ के लगे बैनर
लोनिवि के मुख्य कार्यालय के समक्ष अमरावती जिला ठेकेदार संगठन , राज्य ठेकेदार महासंघ व जिले के सभी ठेकेदार संगठन की ओर राज्य सरकार के निषेधार्थ बैनर लगाए है. जिसमें आत्महत्या करने वाले ठेकेदार सुनील वागद्रे की फोटो चस्पाकर कहा है कि आत्महत्या नहीं शासन ने बलि ली है, सरकर व जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता से एक और जान चली गई.
* शासन को भेजे जा रहे प्रस्ताव
लंबित बिलों के भुगतान के लिए शासन को लगातार पत्र और प्रस्ताव भेजे जा रहे है. अधिक से अधिक बिलों का भुगतान कराने के ्रप्रयास किए जा रहे है.
– आर.वाय.पाटील, अधीक्षक अभियंता, लोनिवि, अमरावती.
* भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन
बुधवार को जरूड के युवा ठेकेदार सुनील वागद्रे ने आत्महत्या कर ली. उसके दो सहयोगी ठेकेदार के भी लोक निर्माण विभाग पर ढाई से तीन करोड रूपए बकाया है. निर्माण कार्यो के लिए बैंकों से लिए गए कर्ज की किस्ते नहीं चुका पाने से ठेकेदारों की आर्थिक स्थित बिगड रही है. शासन ने जल्द भुगतान नहीं किया तो ठेकेदार संगठन बडे आंदोलन की शुरूआत करेंगा
– नितीन डहाके, अध्यक्ष विदर्भ कॉन्ट्रैक्टर.





