हमारे अपने ब्राह्मणवाडा के हैं सीताफल
सीताफल की मार्केट में अभी से आवक

* 250-300 रूपए किलों विक्री
* अगले दो माह रहेगा कस्टर्ड एपल का सीजन
* कई लोगों को पसंद है सीताफल, रबडी से लेकर अनेक व्यंजन
अमरावती/ दि. 6- शहर के मार्केट में जिले के अपने ब्राह्मणवाडा से गुदे से भरपूर सीताफल की आवक प्रारंभ हो गई है. रोज 15- 15 किलो के 50 कैरेट सीताफल रोजाना अमरावती मार्केट में आने की जानकारी देते हुए विक्रेताओं ने बताया कि अभी 250- 300 रूपए प्रति किलो विक्री हो रही है. माल अच्छा होने से डिमांड काफी है. सीताफल के अनेक व्यंजन बनाए जाते हैं. उसी प्रकार कई लोग इसे काफी पसंद करते हैं. बच्चे भी कस्टर्ड एपल कहते हुए सीताफल के बीजों को संभाल कर रखते हैं.
हाथों हाथ विक्री हो रही
मालवीय चौक पर पेट्रोल पंप के पास सीताफलों की विक्री कर रहे जाकीर बागवान ने बताया कि सीताफल पसंद करनेवाले काफी है. इसीलिए माल हाथोंहाथ खप रहा है. 250 रूपए प्रति किलो और 300 रूपए के दाम के बावजूद फलों के पसंदकर्ता इसे चांव से ले जा रहे हैं. मूल रूप से पिंजर निवासी जाकीर बागवान ने बताया कि ब्राह्मणवाडा का माल गुदेदार होने से काफी पसंद किया जाता है. लोगों ने गणेशोत्सव में भगवान को सीताफल के साथ ही सीताफल रबडी और अन्य व्यंजन बनाकर भोग अर्पण किया. उन्होंने बताया कि वे सिजनल फलों का धंधा गत 20 वर्षो से कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि वसीम भाई और इशाक पहलवान होलसेलर हैं.
महालक्ष्मी का भोग
सीताफल के चहेते लोगों का कहना है कि यह फल महालक्ष्मी को भी प्रिय है. इसलिए इसका भोग विशेष रूप से लगाया जाता है. जाकीर बागवान ने बताया कि अब से दो माह तक सीताफल के अमरावती में आवक जारी रहेेगी. जिले के अन्य कुछ भागों में भी सीताफल की खेती की जाती है. वहां से भी माल की आवक अमरावती में हो रही है. दिवाली तक सीताफल की आवक और अच्छी विक्री जारी रहने का अनुमान शहर के फल व्यापारियों ने व्यक्त किया.
नाना प्रकार के व्यंजन
सीताफल के कई व्यंजन हलवाई तैयार करते हैं. उनमें सीताफल कस्टर्ड से सीताफल रबडी प्रसिध्द है. जबकि गृहणियां सीताफल के आइस्क्रीम और अन्य चीजे बनाती है. इसमें एनटी ऑक्सिडेंट और विटामिन सी भरपूर प्रमाण में होने से स्वास्थ्य के लिए यह बेहतर रहता है. सीताफल फिरनी, सीताफल बासुंदी, मिल्क शेक भी बनाए जाते हैं, पसंद किए जाते हैं.





