कोंडेश्वर रोड का ‘फिशरीज हब ’ का कितना होगा उपयोग
नोडल अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध

* मनपा ने लगाई है 21 करोड की लागत अमरावती/ दि. 3- प्रदेश के मत्स्य व पशु संवर्धन विभाग के 21 करोड की निधि से बडनेरा के पास कोंडेश्वर रोड पर साकार हो रहे फिशरीज हब अब तक कार्यान्वित नहीं हुआ है. जिससे इसकी उपयोगिता पर प्रश्न उपस्थित किए जा रहे. महापालिका का यह प्रकल्प कहीं सफेद हाथी न साबित हो, इस प्रकार की चिंता व्यक्त हो रही है. प्रकल्प की टाप टू बॉटम जिम्मेदारी नोडल अधिकारी को दी गई है. उनकी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही.
अमरावती के शुक्रवार बाजार और बडनेरा के साप्ताहिक बाजार में मछलियां बिक्री के सुसज्ज केन्द्र होंगे इसलिए कोंडेश्वर रोड के इस हब को लेकर चर्चा हो रही है.
* तीन वर्ष में कार्यान्वित
प्रदेश के मछली विभाग के मापदंडों के अनुसार फिशरीज हब प्रकल्प तीन वर्ष में कार्यान्वित होना चाहिए था. किंतु महापालिका प्रशासन को इसे साकार करने में 6 वर्ष लग गये. मनपा ने हब के लिए एक निविदा जारी करनी चाहिए थी. किंतु तीन अलग- अलग निविदा इमारत, मशनरी और बिजली व्यवस्था के लिए रखी गई. इससे अनेक दिक्कतों का मामला देखा गया. े
* विदर्भ में एकमात्र
विदर्भ का एकमात्र फिशरीज हब होने के बावजूद वहां मशनरीज, स्टोर रूम व अन्य सुविधाएं धूल खा रही है. यह हब मनपा नियंत्रण में हैे. शहर के नजदीक तालाब, बांध और नदियों से मछलियां लाकर यहां उनका ड्रेसिंग के बाद देश- विदेश में निर्यात का सपना बताया गया था. किंतु ऑपरेटर नियुक्त न होने से फिशरीज हब यूं ही पडा है.
* क्या कहते हैं आयुक्त
आयुक्त सचिन कलंत्रे से बात करने पर उन्होंने फिशरीज हब के शीघ्र शुरू होने का दावा किया. उन्होंने बताया कि आइस मेकिंग, बिजली, मछली बिक्री मार्केट का काम चल रहा हैं. अंतिम चरण में हैं. जल्द प्रकल्प शुरू कर दिया जायेगा.





