शाला गणवेश ठेका दिलाने में 11 लाख का झांसा
चांदुरकर की शिकायत पर तीन आरोपी नामजद

* आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने की भी फरियाद
अमरावती/दि.23- इन दिनों हर किसी व्यवहार में फ्रॉड देखने-सुनने मिल रहे है. व्यापारी वर्ग को काफी चौकन्ना रहकर व्यवहार करने की स्थिति पैदा हो गई है. एमआईडीसी के एक उद्यमी को शाला गणवेश का काम दिलाने के नाम पर 11 लाख की चपत लगा दी गई. इतना ही नहीं, तो तीनों आरोपियों फिरोज गफ्फार खान (42, मील चाल, नई बस्ती, बडनेरा), अभिजीत कालमेघे और अक्षय गजानन चर्जन ने शिकायतकर्ता को पैसे नहीं लौटाने और जान से मारने की धमकी भी दी. राजापेठ पुलिस ने रुथ इंडिया कंपनी सातुर्णा के संचालक प्रमोद चांदुरकर की शिकायत पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है. उपनिरीक्षक इकबाल खान जांच में जुटे है.
प्रमोद चांदुरकर ने पुलिस को बताया कि, गत 7 जून से 22 जुलाई दौरान आरोपी फिरोज गफार खान, अभिजीत कालमेघे और अक्षय गजानन चर्जन ने उनसे संपर्क किया. चांदुरकर का सातुर्णा एमआईडीसी में गणवेश और फ्रॉक बनाने का कारखाना है. उनकी फिरोज खान से व्यवसाय निमित्त भेंट हुई थी. आरोपी फिरोज खान ने शालेय गणवेश का बडा सरकारी ठेका मिलने का दावा किया था. इसके लिए कुछ रकम पेशगी एडवांस जमा करने की बात कही थी. चांदुरकर ने फिरोज पर भरोसा रखकर 10 लाख रुपए का चेक और एक लाख रुपए कैश दिए. स्टैम्प पेपर पर अनुबंध भी किया.
आरोपियों ने 11 लाख अपनी कंपनी के खाते में जमा कर लिए. उसी प्रकार करारनामा और जाली चेक देकर प्रमोद चांदुरकर से फ्रॉड किया. गणवेश का ठेका नहीं मिला. आरोपियों द्वारा फ्रॉड किए जाने की शिकायत चांदुरकर ने 22 जुलाई की शाम 5 बजे राजापेठ थाने में दर्ज कराई. पुलिस ने बीएनएस की धारा 316 (2), 318 (4), 351 (2), 3 (5) के तहत अपराध दर्ज किया है.
शिकायत में यह भी कहा गया कि, आरोपी अभिजीत कालमेघे के घर जाने पर और गणवेश ठेके के बारे में पूछने पर आरोपी ने टाल-मटोल की. फिर पैसे नहीं लौटाएंगे, जो करना है कर लें, ऐसा कहते हुए जान से मारने की धमकी देने की भी शिकायत की गई है.





