अप्पर वर्धा बांध में 30 प्रतिशत जलसंग्रह कम
21 अगस्त तक 339 दलघमी पानी

* जिले के पेयजल और उद्योगों की करता है आपूर्ति
अमरावती/दि.24- जिले के अधिकांश भागों में पेयजल और उद्योगों के लिए जलापूर्ति करनेवाले मोर्शी स्थित सिंभोरा अप्पर वर्धा डैम में पिछले साल की तुलना में इस बार करीब 30 प्रतिशत कम जलसंग्रह हुआ है. इस बार मुश्किल 339 दलघमी पानी उपलब्ध रहने की जानकारी देते हुए बताया गया कि, पेयजल और सिंचाई के लिए पानी की पर्याप्त मात्रा है. किंतु अगले माह जलसंग्रह न बढा तो ग्रीष्मकाल में जलसंकट की स्थिति बन सकती है.
जलसंपदा विभाग के अधिकारी और अभियंताओं ने बताया कि, पिछले साल आज की तारीख में अप्पर वर्धा बांध में 85.46 प्रतिशत जलसंग्रह था. इस बार यह मात्रा 29.46 प्रतिशत है. यहां 564 दलघमी जलसंग्रह होता है. तुलना में कम पानी जमा हुआ है. इस बांध से ही जिले की कई भागों में खेतिबाडी के लिए पानी दिया जाता है. अब मात्र अगस्त का एक सप्ताह और सितंबर का माह बारिश का शेष है. इस अवधि में कैचमेंट एरिया में भरपूर पानी न आने पर अप्पर वर्धा के खाली रह जाने की आशंका बताई जा रही है.
संभाग के पूस, पेनटाकली, काटेपूर्णा, अरुणावती, नलगंगा, वाण, खडकपूर्णा आदि प्रमुख बांधों में काफी पानी है. किंतु अमरावती जिले की द़ृष्टि से अप्पर वर्धा बांध की स्थिति सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है. आगामी दिनों में दमदार बारिश होकर अप्पर वर्धा बांध में जलसंग्रह बढेगा, इस प्रकार की आशा की जा रही है. अप्पर वर्धा का काफी कैचमेंट एरिया मध्य प्रदेश में है. वहां अच्छी बरसात होने पर ही यहां जलसंग्रह बढता है.





