आषाढी वारी में 5 लाख वारकरियों की ‘चरण सेवा’
तीन हजार लीटर आयुर्वेदिक तेल का प्रयोग, 11 हजार से अधिक डॉक्टरों का सहभाग

* मुख्यमंत्री सहायता निधी व धर्मादाय अस्पताल मदद कक्ष के जरीए उपक्रम
मुंबई दि.24– आषाढ वारी के मद्देनजर विगत 15 दिनों से चल रहे ‘चरण सेवा’ उपक्रम का समापन आज 24 जुलाई को हो गया. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संकल्पना के तहत मुख्यमंत्री सहायता निधी व धर्मादाय अस्पताल मदद कक्ष के जरीए जनसहभाग प्राप्त करते हुए यह उपक्रम अमल में लाया गया. जिसके तहत इस बार आषाढ वारी में राज्य के 14 जिलों में 4 लाख 96 हजार से अधिक वारकरियों ने सीधे तौर पर चरण सेवा व आरोग्य सेवा का लाभ लिया.
आषाढ वारी के दौरान वारकरियों को होनेवाली शारीरिक तकलिफों, मांस पेशियों में दर्द, पांव में पडनेवाले छाले तथा थकान सहित बारिश के मौसम दौरान होनेवाली संक्रामक बीमारियों के खतरे को ध्यान में रखते हुए इस उपक्रम को अमल में लाया गया. इस उपक्रम में 164 स्वास्थ्य संस्थाओं ने हिस्सा लिया तथा 7 हजार 538 स्वयंसेवकों व 11 हजार 331 डॉक्टरों, वैद्यकीय प्रशिक्षणार्थियों व स्वास्थ्य कर्मियों ने इस सेवा कार्य में अपना योगदान दिया. इस सेवा हेतु 10 हजार टीशर्ट व 3 हजार लीटर आयुर्वेदिक तेल का उपयोग किया गया. साथ ही 8 प्रचार रथों के जरीए जनजागृती भी की गई.
* इन जिलो में चलाया गया उपक्रम
अमरावती, वाशिम, अकोला, बुलढाणा, अहिल्यानगर, सातारा, पुणे, सोलापुर, नाशिक, जालना, बीड, नांदेड, छत्रपति संभाजीनगर व सांगली जिलों मेें 140 विश्राम स्थलोें पर भी इस उपक्रम के तहत सेवा केंद्र स्थापित किए गए और इन केंद्रों के जरीए वारकरियों को चरण सेवा, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, फीजीओथेरेपी, आवश्यक दवाईयों का वितरण, प्रथमोपचार, एम्बुलेंस सहित जरूरत के अनुसार अगले उपचार की सुविधा उपलब्ध करायी गई.
* दिंडी में अवयव दान पर की गई जनजागृति
वारकरियों को उपचार की सेवा देने के साथ ही इन सेवा केंद्रों के जरीए स्वास्थ्य जनजागृति को भी विशेष महत्व दिया गया. स्वास्थ्य जनजागृति रथों के लिए स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, संक्रामक बिमारियों से बचाव, रक्तदान व अवयव दान के संदर्भ में जनजागृति की गई.
* मुख्यमंत्री की संकल्पना को मिला कई संस्थाओं का साथ
इस उपक्रम की सफलता के पीछे जनसहभागीता सबसे बडी ताकद साबित हुई. सीएम देवेंद्र फडणवीस की इस संकल्पना को विविध स्वास्थ्य संस्थाओं, दानवीर व्यक्तियों, डॉक्टरों, वैद्यकिय प्रशिक्षणार्थियों, स्वास्थ्य कर्मचारियों व हजारों स्वयंसेवकों की ओर से प्रतिसाद मिला. जिसके चलते यह सेवा कार्य सफल हो पाया.
– रामेश्वर नाईक
कक्ष प्रमुख, मुख्यमंत्री सहायता निधी व धर्मादाय रूग्णालय मदद कक्ष