राज्य में एक और यौन शोषण का मामला
परतवाड़ा घटना के धागे कहां तक?

* सोशल मीडिया पर वीडियो के वितरण और प्रचार-प्रसार को रोकना पुलिस तंत्र के सामने बड़ी चुनौती
अमरावती /दि.16- पूरे राज्य में चर्चा में आए परतवाड़ा यौन शोषण मामले के कारण सूचना-प्रौद्योगिकी कानून और नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा का मुद्दा फिर से चर्चा में आया है. इस मामले में बड़ी संख्या में नाबालिग लड़कियों का शोषण होने की बात सामने आने से हड़कंप मच गया. इसके बारे में.
* परतवाड़ा यौन शोषण मामला क्या है?
13 अप्रैल 2026 को परतवाड़ा क्षेत्र में सोशल मीडिया पर कुछ लड़कियों और एक व्यक्ति के आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित होने की बात सामने आई थी. इस मामले में पुलिस ने अयान अहमद तनवीर अहमद नामक 19 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया. जांच में सामने आया कि अयान ने ये वीडियो अपने दोस्तों को भेजे थे. इसके आधार पर पुलिस ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया. आरोपी अयान के मोबाइल की प्राथमिक जांच में 8 पीड़ित लड़कियों के 18 वीडियो और 39 फोटो पाए गए हैं. कुछ पीड़ित लड़कियों का यौन शोषण कर उनका वीडियो अमरावती के एक किराए के कमरे में बनाने की बात मुख्य आरोपी ने कबूल की है. ये वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने से सूचना प्रौद्योगिकी कानून के उल्लंघन का मुद्दा भी सामने आया.
* आरोपियों की कार्यप्रणाली कैसी?
आरोपी अयान अहमद के पिता का पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री का व्यवसाय होने के कारण उसके पास कई महंगी कारें थीं. रौब दिखाकर उसने नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाया. इसके बाद उन्हें एकांत स्थान पर ले जाकर उनके अश्लील फोटो और वीडियो बनाए. बाद में आरोपी ने ये वीडियो अपने दोस्त के मोबाइल पर भेजे. उसके दोस्त ने उन्हें एक ऐप के जरिए अन्य दो लोगों के मोबाइल पर भेजा. आगे आरोपियों ने इन वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया. आरोपियों ने पीड़ित लड़कियों को ब्लैकमेल किया या नहीं, आर्थिक शोषण किया या नहीं, इन वीडियो की बिक्री की या नहीं-ऐसे कई सवाल उठे हैं. इसकी जांच पुलिस कर रही है.
* ‘एसआईटी’ की स्थापना क्यों?
इस मामले में अब तक कोई भी पीड़ित लड़की या उनके परिजन शिकायत दर्ज कराने सामने नहीं आए हैं. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच तेज और पारदर्शी तरीके से हो, इसके लिए अलग विशेष जांच दल गठित करने के आदेश ग्रामीण पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद ने दिए. सहायक पुलिस अधीक्षक तथा अचलपुर के उपविभागीय पुलिस अधिकारी डॉ. शुभम कुमार के नेतृत्व में 10 पुलिस अधिकारी और 36 कर्मचारियों का विशेष जांच दल बनाया गया है. दल को जांच जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं.
* नागपुर में होगी कोचिंग क्लासेस की जांच?
सूत्रों के अनुसार नागपुर में संचालित 10 से अधिक नामी कोचिंग क्लासेस में पढने वाले विद्यार्थियों के दस्तावेजों की जांच की जा सकती है. पुलिस इस बात की भी पडताल कर रही है कि, कहीं इस गिरोह ने अन्य शहरों में भी नेटवर्क तो नहीं फैला रखा था. कुछ कोचिंग क्लासेस पैसे कमाने की होड में ऐसे भी विद्यार्थियों को अपने यहां प्रवेश दे देते है, जो किसी महाविद्यालय में पढते है या नहीं, यह जानने का भी प्रयास नहीं होता. मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल गठित किया गया है. नागपुर और अमरावती में सक्रिय कुछ कोचिंग संस्थानों को लेकर संदेह जताया गया है. यह भी आशंका है कि, कई शहरों तक जांच की आंच पहुंचेगी.





