पूर्व सांसद नवनीत राणा का प्यारे खान पर तीखा पलटवार
अब तक कहां थे प्यारे खान, अब अचानक नींद कैसे खुली?

* उमेश कोल्हे हत्याकांड पर चुप क्यों थे प्यारे खान
* धर्मांतरण के मामलों पर कभी कुछ क्यों नहीं बोले
* हिंदू बच्चियों को जबरन बुर्का पहनाने के मामले में प्यारे खान मांगे माफी
अमरावती/दि. 17 – इस समय परतवाड़ा में उजागर हुए यौन शोषण के मामले को लेकर जहां एक ओर आम जनमानस बुरी तरह से उद्वेलित है. वहीं दूसरी ओर अब इस मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी जबरदस्त तरीके से गरमा रहा है तथा राजनेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. दो दिन पहले ही भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा ने परतवाडा के यौन शोषण एवं नाशिक की टीसीएस कंपनी में उजागर जबरन धर्मांतरण के मामले को लेकर अपने वीडियो संदेश में बेहद उग्र एवं संतप्त प्रतिक्रिया दी थी. जिस पर गत रोज जवाब देते हुए अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने कहा था कि, परतवाडा यौन शोषण मामले का हिंदू समाज से कोई लेना-देना नहीं है. इसके बावजूद पूर्व सांसद नवनीत राणा इस मामले को धार्मिक रंग देने का प्रयास करते हुए लोगों की धार्मिक भावनाओं को भडकाने का प्रयास कर रही है और एक तरह से हिंदू समाज को बर्बाद करने पर तुली हुई है. प्यारे खान की इसी बात पर पलटवार करते हुए पूर्व सांसद नवनीत राणा ने कहा कि, अब तक शायद प्यारे खान गहरी नींद में सोए हुए थे और अब अचानक ही हडबडाकर जागे है. पूर्व सांसद नवनीत राणा ने प्यारे खान पर कुछ चुनिंदा मामलों में ही प्रतिक्रिया देने का आरोप लगाते हुए कहा कि, जब उमेश कोल्हे हत्याकांड हुआ था, तब प्यारे खान कहां थे. साथ ही नाशिक स्थित टीसीएस कंपनी में उजागर जबरन धर्मांतरण सहित अब तक सामने आए लव-जेहाद के मामलों में प्यारे खान ने कभी कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी.
अमरावती में घटित मेडिकल व्यवसायी उमेश कोल्हे की निर्मम हत्या के समय प्यारे खान की संवेदनशीलता कहां थी, ऐसा सवाल उठाते हुए पूर्व सांसद नवनीत राणा ने कहा कि, जब नासिक स्थित टीसीएस कंपनी के कार्यालय में गरीब हिंदू बच्चियों को जबरन बुर्का पहनाया जा रहा था और उन्हें बीफ का मटन खाने के लिए मजबूर किया जा रहा था, तब अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष चुप क्यों थे? उन्होंने इस पूरे मामले को ‘लव जिहाद’, ‘कोचिंग जिहाद’ और ‘टीसीएस जिहाद’ का नाम देते हुए कहा कि पूरे महाराष्ट्र में अल्पसंख्यक समाज द्वारा हिंदू बेटियों के साथ अन्याय व अत्याचार किया जा रहा है और प्यारे खान हमें नैतिकता व संयम सिखाने का प्रयास कर रहे है.
पूर्व सांसद नवनीत राणा ने अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान से नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा देने और पीड़ित महिलाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करते हुए साफ तौर पर कहा कि, वे अपनी हिंदू बच्चियों की सुरक्षा के लिए कल भी मैदान में थीं, आज भी हैं और आगे भी रहेंगी. उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ अन्याय हो रहा है. राणा ने कड़े शब्दों में कहा कि एक महिला होने के नाते वे अपनी अस्मिता और समाज की सुरक्षा के लिए किसी भी स्तर तक जा सकती हैं. उन्होंने अचलपुर प्रकरण को समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी बताया और कहा कि हिंदू समाज के सामने अब सच आ चुका है.
इसके साथ ही पूर्व सांसद नवनीत राणा ने प्रशासन से मांग की कि वे ऐसे मामलों की गहराई से जांच करें जहां धर्म परिवर्तन और शोषण के प्रयास किए जा रहे हैं. अगर कोई मेरी बच्चियों पर अत्याचार करेगा, उनका वीडियो वायरल करेगा या उनका मिसयूज करेगा, तो नवनीत राणा उसे बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने प्यारे खान को चुनौती देते हुए कहा कि वे कहीं भी शिकायत करें, उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उनका प्राथमिक उद्देश्य अपनी बेटियों का संरक्षण करना है.
* ‘उसका’ लैपटॉप तो खुलने दो, फिर बात करेंगे
इसके साथ ही पूर्व सांसद नवनीत राणा ने लगभग चुनौती देनेवाले अंदाज में कहा कि, अभी तो केवल अयान अहमद का लैपटॉप ही बरामद हुआ है. जिसमें दर्ज रहनेवाले डेटा की जानकारी भी जल्द ही सामने आएगी. जब वह जानकारी सामने आ जाएगी, तब वे प्यारे खान से एक बार फिर खुलकर बात करेंगी. उस डेटा के जरिए और भी कई बातों की असलियत सामने आएगी.
* अयान के पिता को भी बनाओ सहआरोपी
इसके साथ ही पूर्व सांसद नवनीत राणा ने यह आरोप भी लगाया कि, अयान अहमद के पिता तनवीर अहमद को अपने बेटे की सभी करतूतों के बारे में जानकारी थी और वे अपने बेटे को ऐसे करने से रोकने की बजाए उसे और भी अधिक प्रोत्साहित किया था. जिसके चलते इस मामले में अयान अहमद के पिता तनवीर अहमद को भी सहआरोपी बनाया जाना चाहिए.





