नवनीत राणा की सीधे पीएम मोदी से शिकायत
अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष प्यारे खान ने लिखा पत्र

* पीएम मोदी व सीएम फडणवीस को बताया सर्वसमावेशी नेतृत्व
अमरावती/दि.18 – जुडवां शहर का हिस्सा रहनेवाले परतवाडा में उजागर यौन शोषण के मामले में भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा द्वारा प्रतिक्रियास्वरुप दिए गए बयान को नफरतपूर्ण एवं विभाजनकारी बताते हुए राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे जिया खान ने पूर्व सांसद नवनीत राणा की शिकायत सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है.
पीएम मोदी के नाम लिखे गए पत्र में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने कहा कि, पूर्व सांसद नवनीत राणा द्वारा अपने कुछ सार्वजनिक वक्तव्यों में मुस्लिम समाज को लेकर बेहद आपत्तिजनक व असंवेदनशील टिप्पणीयां की गई है. जिनमें मुस्लिमों को पाकिस्तान भेजे जाने जैसे कथन भी शामिल है. इसके अलावा परतवाडा में उजागर हुए अश्लील वीडियो वायरल करने के मामले में नवनीत राणा द्वारा किसी अधिकारिक पुलिस जांच की प्रतीक्षा किए बिना सोशल मीडिया व मीडिया के जरिए 180 हिंदू लडकियों का शोषण किए जाने की बात कही गई और इसे जिहादी घटना करार दिया गया. हालांकि पुलिस द्वारा मामले की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट किए जाते ही यह साबित हुआ कि, उक्त बयान पूरी तरह से भ्रामक था और उसका हकीकत से दूर-दूर तक कोई वास्ता भी नहीं था. ऐसे में यह भी स्पष्ट होता है कि, पूर्व सांसद नवनीत राणा ने अपने भ्रामक व भडकाउ बयानों के जरिए समाज में अनावश्यक भय, भ्रम व सांप्रदायिक तनाव पैदा करने का काम किया है.
इसके साथ ही अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने अपने पत्र में यह भी कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा सर्वसमावेशक ढंग से काम करते हुए समाज के सभी वर्गों को न्याय देने का काम किया जा रहा है. जिनके नेतृत्व में संवैधानिक मूल्य, सामाजिक समरसता एवं न्याय के सिद्धांत और अधिक सुद़ृढ हो रहे है, परंतु पूर्व सांसद नवनीत राणा जैसे लोगों द्वारा पीएम मोदी एवं सीएम फडणवीस के कामों व प्रयासों को बर्बाद करने का काम किया जा रहा है. अत: इस मामले का गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए आवश्यक कदम उठाए जाने की सख्त जरुरत है.





