महिला आरक्षण विधेयक पास न होना दुर्भाग्यपूर्ण

पूर्व सांसद नवनीत राणा हुई भावुक

* कहा – विरोधियों को महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी
अमरावती/दि.18 – लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित न हो पाने के बाद अमरावती की पूर्व सांसद नवनीत राणा भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. उन्होंने इस घटना को काला दिन बताते हुए विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए. पूर्व सांसद राणा ने कहा कि इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कराने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका, जिसके कारण यह बिल गिर गया. इसके साथ ही निर्वाचन क्षेत्र पुनर्रचना (डिलिमिटेशन) से जुड़ा विधेयक भी आगे नहीं बढ़ पाया. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने जानबूझकर इस बिल को रोका और महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया.
पूर्व सांसद नवनीत राणा ने कहा कि यदि यह विधेयक पारित हो जाता, तो लोकसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 14 प्रतिशत से बढ़कर 33 प्रतिशत तक पहुंच सकता था. इससे देश की निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी मजबूत होती, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ के कारण यह अवसर छीन लिया गया. उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं के परिवार की महिलाओं को आसानी से बड़े पद मिल जाते हैं, लेकिन सामान्य परिवारों की महिलाओं को अवसर नहीं दिया जाता. इस विधेयक के माध्यम से आम महिलाओं को आगे आने का मौका मिलता, जिसे विपक्ष ने नकार दिया.
पूर्व सांसद राणा ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ खड़े हुए हैं, उन्हें जनता जरूर जवाब देगी. इसके साथ ही पूर्व सांसद राणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण विधेयक संसद में लाकर महिलाओं के अधिकारों के लिए ईमानदार प्रयास किया. स्वतंत्रता के बाद पहली बार इस मुद्दे पर इतनी व्यापक चर्चा हुई, लेकिन विपक्ष ने इस अवसर को व्यर्थ कर दिया.

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