अब अंग प्रत्यारोपण भी होगा मुफ्त
5 लाख से अधिक खर्च सरकार उठाएगी

* महाराष्ट्र में स्वास्थ्य योजना का बड़ा विस्तार:
मुंबई/दि.23– महाराष्ट्र सरकार ने आमजन को बड़ी राहत देते हुए महात्मा जोतिराव फुले जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत योजना के दायरे में बड़ा बदलाव किया है. अब इन योजनाओं के तहत महंगे अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट) को भी शामिल कर लिया गया है. इससे किडनी, हृदय, लिवर जैसे गंभीर उपचार गरीब और मध्यम वर्ग के लिए लगभग मुफ्त उपलब्ध हो सकेंगे. सरकार के इस निर्णय के अनुसार, पहले जहां उपचार की अधिकतम सीमा 5 लाख रुपये तक थी, वहीं अब अंग प्रत्यारोपण जैसे महंगे इलाज के लिए अतिरिक्त खर्च भी राज्य स्वास्थ्य गारंटी सोसायटी के आरक्षित निधि से वहन किया जाएगा.
* क्या हैं प्रमुख बदलाव
– 5 लाख से अधिक खर्च भी कवर – अंग प्रत्यारोपण (किडनी, लिवर, हार्ट आदि) पर आने वाला अतिरिक्त खर्च अब सरकार उठाएगी.
– दुर्लभ बीमारियों को शामिल किया गया – 9 प्रकार की गंभीर और दुर्लभ बीमारियों के इलाज को भी योजना में जोड़ा गया है.
– महंगे ऑपरेशन होंगे सस्ते या मुफ्त – निजी अस्पतालों में 10 से 25 लाख तक खर्च होने वाली सर्जरी अब बेहद कम या शून्य खर्च में संभव होगी.
– राज्य के निवासी होना जरूरी – योजना का लाभ लेने के लिए मरीज का महाराष्ट्र का निवासी होना अनिवार्य है.
* किन अंगों के प्रत्यारोपण शामिल
इस योजना के तहत अब किडनी (मूत्रपिंड), हृदय, लिवर (यकृत), फेफड़े व कॉर्निया जैसे प्रमुख अंगों के प्रत्यारोपण को शामिल किया गया है.
* योजना के विस्तारित लाभ
सरकार ने इस योजना को और मजबूत करते हुए कई अहम सुधार किए हैं, जिसके तहत प्रति परिवार 5 लाख का बीमा कवर, 1300 से अधिक बीमारियों का इलाज शामिल, 1000 से अधिक सरकारी व निजी अस्पतालों में कैशलेस सुविधा, को-ब्रांडेड ‘आयुष्मान कार्ड’ से दोहरी योजना का लाभ, किडनी प्रत्यारोपण की सीमा 4.5 लाख तक बढ़ाई, सड़क दुर्घटना बीमा भी शामिल (1 लाख तक सहायता) का समावेश है.
* आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड, राशन कार्ड, योजना का कार्ड (महात्मा फुले/आयुष्मान), आय प्रमाण पत्र, मेडिकल रिपोर्ट
* गरीबों के लिए जीवनदान
विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए जीवनदान साबित होगा. अब तक अंग प्रत्यारोपण का खर्च वहन करना अधिकांश परिवारों के लिए असंभव था, लेकिन इस योजना के विस्तार से हजारों मरीजों को नई उम्मीद मिलेगी. सरकार का यह कदम स्वास्थ्य क्षेत्र में सर्वसमावेशक और सुलभ उपचार व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.