अप्रैल के अंत तक सुबह के सत्र में ही खुलेंगे स्कूल

अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण खबर!

* अचानक बदली महाराष्ट्र में स्कूलों की समय-सारणी
अमरावती/दि.23– छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी: महाराष्ट्र के मौसम में पिछले कुछ दिनों से अजीबोगरीब बदलाव देखने को मिल रहे हैं. इसी के मद्देनजर अब स्कूलों के समय में भी बदलाव किया गया है.
मुख्य बिंदु
1. स्कूलों के समय में बदलाव
2. निजी कोचिंग क्लासेस के लिए भी निर्देश
3. आखिर क्या बदलाव किया गया है?
राज्य में तापमान का पारा काफी बढ़ गया है और ’सूरज आग उगल रहा है’, जिससे भीषण गर्मी के कारण नागरिक परेशान हैं. बढ़ती गर्मी के चलते लू (हीटस्ट्रोक), डिहाइड्रेशन और पेट से जुड़ी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे अस्पतालों में मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है. फिलहाल दोपहर के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. बढ़ती गर्मी के कारण हीटस्ट्रोक, उल्टी-दस्त, चक्कर आना और किडनी स्टोन जैसी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है. गर्मी का यह प्रकोप स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है. बच्चों पर इसका ज्यादा असर पड़ने के कारण अब स्कूलों के समय में बदलाव करने का फैसला लिया गया है.
स्कूलों के समय में बदलाव
अमरावती: अमरावती जिले में लू (हीटवेव) के मद्देनजर स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है. सभी स्कूलों, आंगनवाड़ी और नर्सरी को सुबह 7 से 10 बजे तक ही चलाने का आदेश दिया गया है. यह आदेश 21 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगा. सुबह 10 बजे के बाद की कक्षाएं ऑनलाइन/डिजिटल माध्यम से लेने के निर्देश दिए गए हैं. छात्रों के स्वास्थ्य को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह फैसला लिया है. आदेशों का उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है.
अकोला: दूसरी ओर, अकोला में भी बढ़ती भीषण गर्मी के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है. अकोला में भी निजी कोचिंग क्लासेस, स्कूलों और कॉलेजों को सुबह 11 बजे से पहले कक्षाएं समाप्त करने का आदेश दिया गया है. आम नागरिकों को हो रही परेशानी को देखते हुए अकोला नगर निगम ने विभिन्न स्थानों पर उपाय शुरू कर दिए हैं. शहर के मुख्य इलाकों में पीने के पानी की व्यवस्था की गई है. जिन जगहों पर नागरिकों की भीड़ होती है, वहां पानी और छाया की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. हीटस्ट्रोक के खतरे को देखते हुए जिला सामान्य अस्पताल में 14 बिस्तरों वाला विशेष वार्ड तैयार किया गया है. इसके अलावा, कचरा संग्रहण के लिए घूमने वाली गाड़ियों के माध्यम से लाउडस्पीकर द्वारा नागरिकों को गर्मी से बचाव के बारे में जागरूक किया जा रहा है. नगर निगम ने पुलिस विभाग से दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे के बीच ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था बंद रखने का अनुरोध किया है.
अन्य राज्यों में भी स्थिति
स्कूलों के समय में यह बदलाव न केवल महाराष्ट्र में, बल्कि उत्तर प्रदेश के साथ-साथ मध्य प्रदेश, केरल और अन्य राज्यों में भी किया गया है. जिन इलाकों में लू का असर हुआ है, वहां यह बदलाव लागू किया गया है. सामान्य तौर पर, स्कूलों की कक्षाएं इस तरह से आयोजित की जा रही हैं कि बच्चे 11 बजे से पहले घर पहुंच सकें.

 

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