अचानक बढी खाद बिक्री, 55 केंद्रों पर कार्रवाई
युरिया व डीएपी की बिक्री में अनियमितता

* 1 से 9 अप्रैल के दौरान हुई पडताल
अमरावती/दि.25- युरिया व डीएपी खाद की बिक्री अचानक बढ जाने के चलते सरकार ने प्रत्येक दुकानदार एवं उनके यहां से पॉस मशीन के जरिए खाद लेने वाले किसानों की जांच-पडताल करनी शुरु कर दी है. जिसके तहत 1 अप्रैल से 9 अप्रैल के दौरान पूरे जिलेभर में जांच अभियान चलाया गया तथा नियमितता पाए जानेवाले 55 कृषि केंद्रों के लाईसेंस निलंबित अथवा रद्द करने की कार्रवाई की गई, ऐसी जानकारी विभागीय कृषि सहसंचालक गणेश घोरपडे द्वारा दी गई है.
इस संदर्भ में दी गई जानकारी के मुताबिक जिले में युरिया व डीएपी जैसी रासायनिक खादों की बिक्री में जबरदस्त इजाफा होने की बात कृषि विभाग को ऑनलाइन डेटा के जरिए पता चली. इसके चलते सभी कृषि सेवा केंद्रों सहित 20 अथवा 20 से अधिक बैग युरिया व डीएपी खाद की खरीदी करनेवाले किसानों की जांच-पडताल कृषि विभाग के पथकों द्वारा करनी शुरु की गई. जिसके चलते अमरावती जिले में 291 तथा अमरावती संभाग में 760 किसानों से इस बारे में पूछताछ की गई. जिसके तहत संभाग में 137 तथा जिले में 4 किसानों द्वारा की गई युरिया एवं डीएपी की खरीदी संदेहास्पद पाई गई. इसके अलावा जिले में युरिया हेतु 29 व डीएपी खाद हेतु 27 ऐसे कुल 56 कृषि सेवा केंद्रों की पडताल कृषि विभाग के पथकों द्वारा की गई तथा 15 कृषि केंद्रों में अनियमितता पाई गई. जिसके चलते इन सभी कृषि सेवा केंद्रों के संचालकों को नोटिस देते हुए सुनवाई की गई और अब उन सभी कृषि सेवा केंद्रों के संचालकों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है.
* ये अनियमितता पाई गई थी
कुछ विक्रेताओं द्वारा ई-पॉस मशीन पर जानकारी दर्ज नहीं करने, पक्का बिल नहीं देने, स्टॉक रजिस्टर को अपडेट नहीं रखने, लाईसेंस में उल्लेखित नहीं रहनेवाले कृषि निविष्ठा उत्पादों की बिक्री करने, अतिरिक्त अनुदानित खाद की जानकारी में गडबडी करने जैसी गंभीर गल्तियां पाई गई. जिसके चलते जिले में 15 एवं संभाग में 79 कृषि निविष्ठा बिक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है. साथ ही 55 कृषि सेवा केंद्रों के लाईसेंस को निलंबित अथवा रद्द किया गया है.
* खरीफ सीजन की पार्श्वभूमि को देखते हुए खास बिक्री के संदर्भ में कृषि विभाग के पथकों द्वारा जांच-पडताल की गई. जिसमें अनियमितता पाए जानेवाले कृषि सेवा केंद्रों के लाईसेंस निलंबित किए गए और कुछ के खिलाफ लाईसेंस रद्द की कार्रवाई की गई. यह अभियान आगे भी इसी तरह से जारी रहेगा.
– गणेश घोरपडे
विभागीय कृषि सहसंचालक.





