‘कोणार्क’ को न दिया जाए तीन माह का बिल

पार्षद मंगेश मनोहरे ने एक बार फिर उठाई मांग

* मनपा आयुक्त वर्षा लढ्ढा को सौंपा ज्ञापन
अमरावती/दि.25 – विगत 23 अप्रैल को हुई मनपा की आमसभा में अपने द्वारा उठाए गए साफ-सफाई के मुद्दे पर हुई चर्चा की ओर ध्यान दिलाते हुए प्रभाग क्रमांक 10 बेनोडा-भीमटेकडी-दस्तुर नगर के राकांपा पार्षद मंगेश मनोहरे ने मनपा आयुक्त वर्षा लढ्ढा को एक ज्ञापन सौंपा है. जिसके जरिए उन्होंने कोणार्क कंपनी को जनवरी 2026 से 23 अप्रैल 2026 तक साफ-सफाई का काम सही ढंग से नहीं किए जाने के चलते तीन माह का भुगतान अदा नहीं करने की मांग उठाई है.
इस संदर्भ में राकांपा पार्षद मंगेश मनोहरे का कहना रहा कि, कोणार्क कंपनी द्वारा विगत तीन माह के दौरान निविदा शर्तों के मुताबिक मनुष्यबल, घंटा गाडी, हाईड्रोलिक ऑटो, दैनंदिन हाजिरी, कामगारों के पीएफ व भविष्य निर्वाह निधि, गणवेश, पीपीई कीट, पहचान पत्र, घंटा गाडियों पर ऑडियो जनजागृति एवं नागरिकों के हस्ताक्षर जैसी अनेक शर्तों की पूर्तता नहीं की है. साथ ही विगत तीन माह के दौरान शहर के विविध क्षेत्रों में साफ-सफाई के काम भी आधे-अधूरे ढंग से किए है. जिसके चलते कोणार्क कंपनी को साफ-सफाई के कामों की ऐवज में कोई भुगतान देने का सवाल ही नहीं उठता.
पार्षद मंगेश मनोहरे ने आयुक्त वर्षा लढ्ढा को सौंपे गए ज्ञापन में यह भी बताया कि, उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे पर चर्चा के उपरांत मनपा की आमसभा में महापौर श्रीचंद तेजवानी ने स्वास्थ्य विभाग को दिशा-निर्देश देते हुए कोणार्क कंपनी को तीन माह का बिल अदा नहीं किए जाने की बात कही है. इसके साथ ही मनपा द्वारा गठित स्वच्छता समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में कोणार्क कंपनी पर कुछ नए नियम व शर्त लगाते हुए दंडात्मक कार्रवाई करने की सिफारिश की है. ऐसे में महापौर तेजवानी के आदेश एवं स्वच्छता समिति की सिफारिशों पर त्वरीत कडाई के साथ अमल किया जाना चाहिए. इसके अलावा पार्षद मंगेश मनोहरे ने यह भी कहा कि, यदि ऐसा नहीं होता है और कोणार्क कंपनी के भ्रष्टाचार को जानबुझकर खाद-पानी डाला जाता है, तो वे मनपा प्रशासन के खिलाफ जनआंदोलन खडा करेंगे.

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