संतरा आयात शुल्क का अब नहीं मिलेगा अनुदान

मेडिकल कॉलेज के लिए 50 प्रतिशत छूट

* कैबिनेट ने लिए 14 अहम फैसले
* मृदा व जलसंधारण में 2284 नए पद मंजूर
* पिछडा वर्ग आयोग में अब उपाध्यक्ष भी
मुंबई/दि.14 – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आज 14 मई को राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक आयोजित की गई. आज की बैठक में 14 महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. इनमें मेडिकल संस्थानों की इमारतों के लिए महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन एवं नगर रचना अधिनियम 1966 के प्रावधानों में संशोधन करते हुए पहले मिलने वाली 25 प्रतिशत की छूट को बढ़ाकर अब 50 प्रतिशत तक करने का निर्णय लिया गया है. विदर्भ के किसानों को संतरा निर्यात पर मिलने वाला आयात शुल्क का अनुदान अब नहीं मिलेगा. क्योंकि बांग्लादेश को निर्यात वहा बेहिसाब शुल्क के कारण रोक दिया गया है.
* आज की कैबिनेट बैठक के फैसले (संक्षेप में)
– सिंचाई परियोजनाओं के जलाशयों से गाद और गाद-मिश्रित रेत निकालने की संशोधित नीति. छह बड़े प्रोजेक्ट्स में प्रायोगिक आधार पर गाद और गाद-मिश्रित रेत निकाली जाएगी. इससे जलसंचय बढ़ेगा, किसानों को उपजाऊ गाद मिलेगी और बांधों का संरक्षण होगा. (जलसंपदा विभाग)
– नासिक जिले की अंबोली-वेलुंजे प्रवाही डायवर्ट योजना परियोजना के लिए 49 करोड़ 26 लाख रुपये की मंजूरी. (जलसंपदा विभाग)
– सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी जिलों के लिए सिंधुरत्न समृद्ध योजना 2.0 को अगले तीन वर्षों तक लागू किया जाएगा. प्राकृतिक संसाधनों के प्रभावी नियोजन के माध्यम से जिलों के सर्वांगीण विकास पर जोर. (नियोजन विभाग)
– आयु, शैक्षणिक पात्रता, अनुभव और परीक्षा में बैठने की छूट लेने वाले आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों की नियुक्ति अब आरक्षित वर्ग में ही होगी. ऐसे उम्मीदवार खुली श्रेणी की सीटों पर दावा नहीं कर सकेंगे. (सामान्य प्रशासन विभाग)
– विजाभज वर्ग की निजी अनुदानित आवासीय उच्च माध्यमिक आश्रमशालाओं के उच्च माध्यमिक शिक्षकों को 12 और 24 वर्ष की नियमित सेवा के बाद चट्टोपाध्याय आयोग के अनुसार वरिष्ठ वेतनश्रेणी और चयन वेतनश्रेणी लागू करने को मंजूरी. (इतर मागास बहुजन कल्याण विभाग)
– कुसुमाग्रज प्रतिष्ठान, नासिक को हर वर्ष 10 लाख रुपये का अनुदान. महाराष्ट्र राज्य साहित्य और संस्कृति मंडल की साहित्य संस्थाओं को अनुदान योजना से वर्ष 2026-27 से निधि उपलब्ध होगी. (मराठी भाषा विभाग)
– नासिक परिक्रमा मार्ग (रिंग रोड) परियोजना के लिए आवश्यक भूमि खरीद पर स्टांप शुल्क में छूट देने को मंजूरी. (सार्वजनिक बांधकाम विभाग)
– मृदा एवं जलसंधारण विभाग का संशोधित ढांचा तय. राज्य में लगभग 8 हजार 767 पदों को मंजूरी. विभाग के लिए 6 हजार 481 और महाराष्ट्र जलसंधारण महामंडल के लिए 2 पदों सहित कुल 6 हजार 483 पदों के अतिरिक्त लगभग 2 हजार 284 नए पद. विभाग की क्षेत्रीय व्यवस्था का पुनर्गठन होगा. (मृदा व जलसंधारण विभाग)
– पुणे महानगरपालिका के पुणे नदी पुनर्जीवन प्रकल्प के अंतर्गत मुळा-मुठा नदी विकास के लिए तीन सरकारी जमीनें मुफ्त हस्तांतरित की जाएंगी. मुळा-मुठा संगमवाडी पुल से बंडगार्डन पुल तक नदी क्षेत्र की जमीन, साथ ही बॉटेनिकल गार्डन और महिला बाल एवं सुधार गृह की जमीन पुणे मनपा को प्रकल्प पूर्ण करने हेतु दी जाएगी. (महसूल, नोंदणी व मुद्रांक शुल्क विभाग)
– रितनंद बलवेद एज्युकेशन फाउंडेशन को रायगढ़ जिले के मौजे भाताण, तहसील पनवेल स्थित जमीन देने को मंजूरी. (महसूल, नोंदणी व मुद्रांक शुल्क विभाग)
– संतरा आयात शुल्क वापसी योजना रद्द करने का निर्णय. बांग्लादेश को निर्यात होने वाले संतरे पर आयात शुल्क में 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता था. इस योजना का राज्य के किसानों को लाभ नहीं मिलने और इसे बंद करने की मांग को देखते हुए निर्णय लिया गया. (पणन विभाग)
– मेडिकल संस्थानों की इमारतों के लिए विकास शुल्क में अब 50 प्रतिशत छूट. महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन एवं नगर रचना अधिनियम 1966 में संशोधन किया जाएगा. पहले मिलने वाली 25 प्रतिशत छूट को अब 50 प्रतिशत तक बढ़ाया गया. (नगर विकास विभाग)
– महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति आयोग अधिनियम, 2025 (महाराष्ट्र अधिनियम क्रमांक 37) में संशोधन को मंजूरी. राज्य अनुसूचित जाति आयोग के लिए उपाध्यक्ष पद का नया सृजन. (सामाजिक न्याय व विशेष सहाय्य विभाग)

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