महापौर तेजवानी ने किया सुकली के कंपोस्ट डिपो का दौरा

आयुक्त वर्षा लढ्ढा सहित अन्य पदाधिकारी व अधिकारी भी रहे उपस्थित

* स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण पर जोर, रोजाना 100 मीट्रिक टन आरडीएफ चंद्रपुर भेजे जाने की जानकारी
अमरावती/दि.15- शहर में घनकचरा प्रबंधन को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से बुधवार को सुकली स्थित घनकचरा व्यवस्थापन प्रकल्प का निरीक्षण किया गया. इस दौरान महापौर श्रीचंद तेजवानी, मनपा आयुक्त वर्षा लढ्ढा, उपमहापौर सचिन भेंडे, स्थायी समिति सभापति अविनाश मार्डीकर, सभागृह नेता चेतन गावंडे तथा अतिरिक्त आयुक्त शिल्पा नाईक ने परियोजना के विभिन्न विभागों का जायजा लिया और कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी प्राप्त की.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना की वर्तमान क्षमता प्रतिदिन 250 मीट्रिक टन कचरे के प्रसंस्करण की है. शहर से एकत्रित होने वाले कचरे का वैज्ञानिक पद्धति से वर्गीकरण और पृथक्करण किया जाता है. प्रकल्प में गीला कचरा, सूखा कचरा, आरडीएफ (रीफ्यूज्ड डीराईव्ड फ्यूल) तथा इनर्ट श्रेणी में कचरे को अलग-अलग किया जाता है. अधिकारियों ने जानकारी दी कि ज्वलनशील कचरे से आरडीएफ तैयार किया जाता है और प्रतिदिन लगभग 100 मीट्रिक टन आरडीएफ चंद्रपुर भेजा जाता है. अन्य शहरों की तुलना में यह मात्रा काफी अधिक बताई गई. महापौर और अन्य जनप्रतिनिधियों ने आरडीएफ निर्माण प्रक्रिया, कन्वेयर सिस्टम, कचरा पृथक्करण मशीनरी तथा संपूर्ण प्रोसेसिंग सिस्टम का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया. जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यदि नागरिक घरों से ही गीला और सूखा कचरा अलग-अलग देंगे तो पूरी प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पर्यावरण के अनुकूल हो सकेगी. साथ ही नागरिकों में कचरा वर्गीकरण को लेकर व्यापक जनजागृति अभियान चलाने की आवश्यकता भी व्यक्त की गई. मान्यवरों ने प्रकल्प परिसर में स्थापित एनिमल इन्सिनरेशन प्लांट का भी निरीक्षण किया. अधिकारियों ने बताया कि पशु अवशेषों के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण है और इससे पर्यावरण प्रदूषण कम करने में मदद मिल रही है. इसके बाद वैज्ञानिक पद्धति से विकसित की जा रही लैंडफिल साइट का अवलोकन किया गया. अधिकारियों ने बताया कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप लैंडफिल विकसित की जा रही है. साथ ही बायोमायनिंग प्रकल्प का निरीक्षण कर पुराने कचरे के वैज्ञानिक पुनर्प्रक्रिया और निस्तारण की जानकारी भी दी गई.
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा कि शहर में बढ़ती कचरा समस्या के समाधान के लिए आधुनिक तकनीक, पुनर्चक्रण आधारित व्यवस्थापन और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है. मनपा प्रशासन घनकचरा व्यवस्थापन प्रणाली को अधिक सक्षम और शाश्वत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. निरीक्षण के दौरान शहर सुधार समिति सभापति राधा कुरील, स्वीकृत पार्षद एड. प्रशांत देशपांडे, उपायुक्त योगेश पिठे, शहर अभियंता रविंद्र पवार, वैद्यकीय अधिकारी (स्वच्छता) डॉ. अजय जाधव, सहायक आयुक्त भूषण पुसतकर, पशुशल्य चिकित्सक डॉ. सचिन बोंद्रे, उपअभियंता विवेक देशमुख, अभियंता राजेश आगरकर, शरद तिनखेडे तथा सामाजिक कार्यकर्ता राजू कुरील एवं मनपा कर्मचारी व ठेकेदार उपस्थित थे.

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