संदिग्ध परिस्थितियों में दफन नवजात का शव निकाला

कालीमाता नगर में पांच दिन की बच्ची को जमीन में दफनाने का मामला

* प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई
* पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी जांच
अमरावती /दि.18– बडनेरा थाना क्षेत्र के कालीमाता नगर-खंडेलवाल नगर परिसर में पांच दिन की नवजात बच्ची को संदिग्ध परिस्थितियों में जमीन में दफनाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया. फिलहाल पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है.
जानकारी के अनुसार शनिवार 16 मई की शाम करीब 7.30 बजे कालीमाता नगर निवासी 22 वर्षीय युवक अपने घर पर मौजूद था. इसी दौरान घर से करीब 50 मीटर दूर खंडेलवाल नगर के पास एक व्यक्ति द्वारा फावडे से जमीन खोदने की आवाज और एक महिला से जोर-जोर से विवाद करने की आवाज सुनाई दी. शिकायतकर्ता मौके पर पहुंचा तो वहां एक व्यक्ति जमीन खोदते दिखाई दिया. पूछताछ करने पर उस व्यक्ति ने अपना नाम सूरज गुजर बताया और कहा कि उसकी नवजात बच्ची की मौत हो गई है. इसलिए उसे दफनाया जा रहा है. उसने बताया कि, बच्ची चार-पांच दिन पहले पैदा हुई थी और कमजोरी के कारण उसकी मौत हो गई. मौके पर बच्ची को चादर में लपेटकर जमीन में दफनाया जा चुका था और उपर मिट्टी डाली जा रही थी. मामला संदिग्ध होने पर युवक ने पुलिस को सूचना दी. जानकारी मिलते ही बडनेरा पुलिस निरीक्षक सुनील चौहान पुलिस दल के साथ घटनास्थल पहुंचे. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से तत्काल पत्र व्यवहार कर दफनाए गए शव को निकालने की अनुमति मांगी गई.
रविवार 17 मई को दोपहर तहसीलदार टीना चौहान, पुलिस अधिकारियों, शिकायतकर्ता तथा पंचों की उपस्थिति में इन कैमरा प्रक्रिया के तहत नवजात बच्ची का शव जमीन से निकाला गया. आवश्यक पंचनामा और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया.
जानकारी के अनुसार संबंधित महिला ने 12 मई को जिला महिला अस्पताल में आठ माह की गर्भावस्था के दौरान बच्ची को जन्म दिया था. जन्म के बाद बच्ची की तबीयत ठीक नहीं रहने से उसकी मौत होने की बात सामने आयी है. इसके बाद पिता द्वारा बच्ची को श्मशान या अधिकृत स्थान पर अंतिम संस्कार करने के बजाय आसपास के परिसर में दफनाया गया, जिससे मामला संदेह के घेरे में आ गया है.

* घूम-घूमकर आयुर्वेदिक दवाईयां बेचते
बताया जा रहा है कि, नवजात के परिजन विभिन्न क्षेत्रों में घूम-घूमकर आयुर्वेदिक दवाईयां बेचने का काम करते हैं और जहां स्थान मिलता है वहीं अस्थायी डेरा लगाकर व्यापार करते हैं. पुलिस का कहना है कि, नवजात की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा. फिलहाल मर्ग के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी हैं.

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