शादी का झांसा देकर दुष्कर्म मामले में आरोपी बरी
एड. आशीष चौबे की सफल पैरवी

अमरावती/दि.18- मुलताई (मध्य प्रदेश) की अदालत ने शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी यश साहू (अमरावती) को सभी आरोपों से बरी कर दिया है. अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366-ए, 450, 376(2)(प) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5 और 6 के तहत लगाए गए आरोपों से आरोपी को दोषमुक्त घोषित किया.
प्रकरण के अनुसार, पीड़िता और आरोपी की मुलाकात एक पारिवारिक शादी समारोह में हुई थी. इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और प्रेम संबंध बन गए. आरोप था कि 18 मई 2024 को पीड़िता के घर पर कोई नहीं होने का फायदा उठाकर आरोपी वहां पहुंचा और शादी का आश्वासन देकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए. इसके बाद 21 मई 2024 को आरोपी कथित रूप से पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया. दोनों पहले शेगांव और फिर इंदौर पहुंचे, जहां किराए के कमरे में रहने के दौरान आरोपी ने शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए. इधर, पीड़िता के पिता ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस ने जांच के दौरान इंदौर के एक मकान से आरोपी और पीड़िता को बरामद किया. बाद में साईखेड़ा थाने में पूछताछ के दौरान पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया गया.
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 13 गवाहों के बयान दर्ज किए गए. इनमें मेडिकल अधिकारी सहित अन्य महत्वपूर्ण गवाह शामिल थे. वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता आशीष चौबे ने पैरवी करते हुए जांच में कई कानूनी त्रुटियों की ओर अदालत का ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने आरोपी को झूठा फंसाए जाने की दलील दी तथा अपने पक्ष के समर्थन में सर्वोच्च और उच्च न्यायालयों के विभिन्न निर्णयों और दिशानिर्देशों का हवाला प्रस्तुत किया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर आरोपी यश साहू को सभी आरोपों से बरी कर दिया. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता आशीष चौबे ने पैरवी की, जबकि अधिवक्ता कुनाल ठाकुर (मुलताई) और अधिवक्ता राकेश शर्मा ने उनका सहयोग किया.





