अब मनपा के अधिकारी नही ले सकेंगे सुप्रीम कोर्ट की आड

स्वीकृत पार्षद अनिल अग्रवाल ने आवारा कुत्तो को लेकर आए फैसले पर दी प्रतिक्रिया

* कहा – आवारा कुत्तों के नाम पर करोडों के भ्रष्टाचार की दुकान अब होगी बंद
* सडक पर घूमते पगलाए आवारा कुत्तो को लगाने होंगे जहर वाले इंजेक्शन
* कुत्तो की बजाय आम नागरिकों की सुरक्षा को सुप्रीम कोर्ट द्बारा महत्व दिए जाने का किया स्वागत
अमरावती/दि.19- अमरावती महानगर पालिका प्रशासन विशेषकर पशुशल्य विभाग के अधिकारियों द्बारा शहर की सडकों पर आवारा घुमनेवाले और लोगों को काट खानेवाले पगलाए कुत्तो का विषय निकलने पर अब तक हमेशा ही सुप्रिम कोर्ट की गाईडलाईन की वजह को आगे कर दिया जाता था. साथ ही सडकों पर घुमनेवाले आवारा कुत्तो की नसबंदी करने के नाम पर लाखों करोडो रुपयो का भ्रष्टाचार भी किया जाता था. लेकिन अब मनपा प्रशासन एवं पशुशल्य चिकत्सा विभाग के अधिकारियों के पास ऐसा कोई रास्ता शेष नहीं बचा है. क्योंकि आज भी सुप्रिम कोर्ट ने सडको सहित गलीकुचो में आवारा घुमनेवाले कुत्तो का बंदोबस्त करने के साथ ही रैबीज इंफेक्शन का शिकार होकर लोगों पर हमला करते हुए उन्हें काट खानेवाले पगलाए कुत्तो को जहर का इंजेक्शन लगाकर मार देने का महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. यह अपने आप में बेहद स्वागत योग्य फैसला है. इस आशय की प्रतिक्रिया मनपा के स्वीकृत पार्षद अनिल अग्रवाल द्बारा दी गई.
उल्लेखनीय है कि शहर में विगत लंबे समय से आवारा कुत्तो की संख्या लगातार बढती जा रही है. साथ ही साथ आवारा कुत्तो द्बारा सडको से गुजनरेवाले लोगों पर धावा बोलते हुए उन्हें काट खाने और घायल कर देने जैसी घटनाओं में भी अच्छा-खासा इजाफा हुआ है. इस बात को ध्यान में रखते हुए पार्षद अनिल अग्र्रवाल ने भी अमरावती महानगर पालिका की विगत 20 अप्रैल को हुई आमसभा एवं 23 अप्रैल को हुई विशेष सभा के दौरान शहर में आवारा कुत्तो की वजह से लगातार बढती समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाते हुए मनपा के प्रभारी पशु शल्यचिकित्सक डॉ. सचिन बोद्रे को जमकर आडे हाथ लिया था. उस समय पार्षद अनिल अग्रवाल ने स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया था कि मनपा के पशुशल्य चिकित्सा विभाग द्बारा आवारा कुत्तो की नसबंदी का काम ऑपरेशन टेबल की बजाय केवल कागजों पर किया जा रहा हैं तथा कुत्ता नसबंदी के नाम पर लाखों करोडो रुपयों का भ्रष्टाचार भी किया जा रहा हैं. साथ ही जब भी शहर की सडकोंं पर आवारा घुमते कुत्तो की समस्याओं को लेकर आम नागरिकों सहित पार्षदों द्बारा आवाज उठाई जाती है, तो मनपा प्रशासन एवं पशुशल्य चिकित्सा विभाग द्बारा सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाईन का हवाला दिया जाता है. लेकिन अब चुंकि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्थिति को पूरी तरह से साफ कर दिया हैं. जिसके चलते कहा जा सकता है कि इस फैसले ने अब तक सुप्रीम कोर्ट की गाईडलाईन की आड लेते हुए जिम्मेदारी से बचने का काम कर रहे अधिकारियों को सही लाइन पर लाने का काम किया हैं. जिसके चलते अब मनपा प्रशासन व पशुशल्य चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को बिना कोई ना-नुकूर किए शहर की सडकों पर आवारा घुमनेवाले कुत्तों की व्यवस्था करनी पडेगी. साथ ही लोगों को काट खानेवाले पगलाए कुत्तो को जहर का इंजेक्शन देकर मारना भी पडेगा.
पार्षद अनिल अग्रवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि वे मनपा की अगली आम सभा में एक बार फिर इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाएंगे और सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के आधार पर सभागृह से प्रशासन को जरूरी निर्देश दिलवाने की व्यवस्था भी करवाएंगे ताकी अमरावती शहर के आम नागरिकों को आवारा कुत्तो को इस समस्या से मुक्ति मिले तथा आम शहरवासी की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो.

Back to top button