शहर का चरमराया ट्रैफिक दुरुस्त करें

पूर्व मंत्री सुनील देशमुख पहुंचे सीपी के दरबार

* महानगर चेंबर भी था साथ
* बिगडे यातायात से जाम और व्यापार पर असर
अमरावती/दि.19 – शहर की चरमराई यातायात व्यवस्था को लेकर दो पेज का विस्तृत निवेदन पूर्व पालकमंत्री डॉ. सुनील देशमुख ने आज सीपी राकेश ओला को सौंपा. निवेदन में यातायात प्रबंधों को दुरुस्त करने की मांग करने के साथ अनेक व्यापारिक क्षेत्र, चौरस्तों पर आए दिन लग रहे ट्रैफिक जाम, होती छोटी-बडी दुर्घटनाओं और इसके कारण व्यापार पर असर एवं बढते झगडे-टंटे पर विस्तृत बात की गई है. डॉ. सुनील देशमुख के साथ निवेदन देते समय महानगर चेंबर के अध्यक्ष सुरेश जैन, सचिव घनश्याम राठी, पीडीएमएमसी के डीन डॉ. ए. टी. देशमुख, डॉ. बबन बेलसरे, संपादक विलास मराठे, एड. के. एच. देशपांडे, डॉ. अजय डफले आदि भी मौजूद थे.
* अनियंत्रित यातायात
डॉ. सुनील देशमुख ने पुलिस आयुक्त को दी चिठ्ठी में लिखा कि, शहर की बढती आबादी और वाहनों की संख्या को ध्यान में रखकर यातायात नियोजन करने की आवश्यकता है. शहर के प्रमुख मार्केट एरिया में यातायात नियंत्रण करने के लिए अभी भी पुरानी पद्धति का अवलंब किया जा रहा है. उसी प्रकार यंत्रणा में तालमेल का अभाव होने का दावा पूर्व मंत्री ने किया. उन्होंने यातायात की प्रचंड असुविधा के बावजूद कोई भी इसे दुरुस्त करने आगे नहीं आने का मलाल भी व्यक्त किया.
* आधा दर्जन मुद्दे अधोरेखित
डॉ. सुनील देशमुख ने शहर के प्रमुख चौराहों से लेकर हर समय ट्रैफिक से भरे रहनेवाली सडकों और मार्गों पर हो रहे ट्रैफिक जाम संबंधी आधा दर्जन मुद्दे निवेदन में अधोरेखित किए. इस समय सीपी ओला से सीधी चर्चा भी की. सीपी ओला ने तत्पर और समयबद्ध नियोजन, उपाय करने का भरोसा दिलाया. डॉ. देशमुख ने कहा कि, स्वयंचलित ट्रैफिक व्यवस्था कई बार चरमरा रही है. चौराहों में बडा जाम लग जाता है. आधा घंटा लोग अपने दुपहिया के साथ इस जाम में फंस जाते है. किसी दिन यह जाम जानलेवा साबित हो सकता है.
* जहां चाहिए, वहां नहीं कर्मी
डॉ. सुनील देशमुख ने दावा किया कि, जिन चौराहों पर ट्रैफिक सिपाही की नितांत आवश्यकता है, वहीं वे नजर नहीं आते. उलटे दो-तीन-चार के ग्रुप बनाकर किसी सुनसान सडक पर सुव्यवस्थित और नियंत्रित वाहनधारकों पर कार्रवाई किए जाने का चित्र अत्यंत आम है. इस प्रकार चौक छोडकर अवांतर जगह ग्रुप बनाकर वाहन चालकों पर कार्रवाई करने की बात आज तक सामान्य नागरिक समझ नहीं पाने का दावा डॉ. देशमुख ने किया.
* डेडीकेटेड सिपाही चाहिए
जिले के पालकमंत्री रह चुके कांग्रेस नेता डॉ. देशमुख ने मुंबई महानगर सहित प्रदेश के अनेक महानगरों और नगरों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि, यातायात सुचारु और सुनियंत्रित रखने डेडीकेटेड ट्रैफिक सिपाही चाहिए. अमरावती शहर में ऐस सिपाही नदारद है. उन्होंने आरोप लगाया कि, अत्यंत व्यस्त चौक में यातायात सिपाही नहीं रहता. जबकि जहां आवश्यकता नहीं है, वहां वाहन चालकों को यातायात दंड का डर बताकर मामूली कार्रवाई की जाती है.
* सडक पर कब उतरेंगे अधिकारी
डॉ. सुनील देशमुख ने सवाल उठाया कि, यातायात शाखा के निरीक्षक, एसीपी श्रेणी के अधिकारी कभी सडक पर उतरकर ट्रैफिक व्यवस्था की समीक्षा करते नहीं दिखे. उन्होंने आरोप किया कि, अधिकारी गण अपने वातानुकुलित कक्ष में बैठने का मोह से जखडे हैं. अभी अमरावती शहर के यातायात की हालत यह है कि, सभी अधिकारियों को सडक पर उतरकर वाहनधारकों को ताकीद करने का समय आ गया है.
* हॉकर्स बनते यातायात में बाधा
डॉ. सुनील देशमुख ने निवेदन में आरोप लगाया कि, शहर में कई क्षेत्र अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है. फुटपाथ 100 प्रतिशत कब्जाया गया है. इसके अलावा कठोरा नाका से लेकर शेगांव नाका, गाडगे नगर, पंचवटी चौक, जयस्तंभ चौक, अंबादेवी रोड, इतवारा, गांधी चौक, प्रभात चौक, जवाहर रोड, सरोज चौक, राजापेठ, नवाथे चौक सभी जगह हॉकर्स ने डेरा डाले हुआ है. इसका भी यातायात पर असर पडता है. फिर भी उपरोक्त स्थानों पर भारी यातायात हर समय रहने के बावजूद ट्रैफिक सिपाही ढुंढने से नहीं मिलता. कार्रवाई की बात दूर.
* जान हथेली पर लेकर चल रहे
डॉ. सुनील देशमुख ने आरोप लगाया कि, अमरावती के लोग खासकर दुपहिया चालक शहर की बेतरतीब यातायात व्यवस्था में जान हथेली पर लेकर चल रहे है. सुबह घरों से निकलते समय अव्यवस्थित यातायात के कारण भरोसा नहीं होता कि, शाम को सही-सलामत घरों में लौट आएंगे. डॉ. देशमुख तत्काल कदम उठाकर शहर के यातायात को दुरुस्त करने का अनुरोध व्यापारियों के साथ सीपी ओला से मिलकर किया. सीपी ओला ने भी तुरंत आवश्यक कदम उठाने का भरोसा इस समय दिलाया.

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