मेलघाट के 138 वर्ष पुराने मशीन, रोलर पहिए सहित पुरातन वस्तुओं का बनाएं संग्रहालय
इन्टेक अमरावती शाखा की मांग

* जिलाधीश को दिया निवेदन
अमरावती/दि.19 – करीब 100 से 138 वर्ष पुरातन मशीने, रोड रोलर के पहिए, पत्थर फोडने की मशीन और स्टीम प्लोविंग इंजिन सहित अनेक वस्तुओं का संग्रहालय बनाने की मांग शासन से अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के मौके पर इन्टेक अमरावती शाखा ने की. इन्टेक के जयंत वडतकर व साथियों ने आज जिलाधीश को निवेदन देकर उक्त मांग की. इस समय इन्टेक के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे. वडतकर ने चार पेज का विस्तृत निवेदन दिया. जिसमें मेलघाट के विभिन्न भागों में मौजूद उपरोक्त पुरातन मशीनों और मशीनों के कलपुर्जो के सचित्र विवरण शामिल है.
वडतकर ने बताया कि, इन्टेक अर्थात भारतीय राष्ट्रीय कला व सांस्कृतिक वारसा संस्था देश में ऐतिहासिक विरासत स्थल, भवन, प्राकृतिक, सांस्कृतिक और कला के जतन, संवर्धन एवं जनजागृति के लिए कार्यरत है. संस्था के 233 जिलो में अध्याय है. अमरावती जिले में गत चार वर्षों से कार्यरत है. विरासत, संवर्धन और जनजागृति के लिए कार्य किया जाता है.
निवेदन के अनुसार मेलघाट के जंगलों में विस्तृत व्याघ्र प्रकल्प परिसर में 100 से 130 वर्ष पुरातन मशीन, इंजिन, लोहे के पहिए, ऐतिहासिक वस्तुएं जगह-जगह बिखरी दिखाई देती है. इन मशीनों का उपयोग ब्रिटीश सडक बनाने, सागौन की लकडी काटने और बाहर निकालने के कामों में करते थे. आज मशीनों का उपयोग नहीं होने से शतकभर से पडी है. उनका इतिहास रोचक है. वडतकर ने बताया कि, मशीनों के विषय में काफी जानकारी एकत्र की गई है. यह उपयोगी जानकारी है. जिसका महत्व जानने से पता चलता है.
* विंटेंज मशीनरी म्युझियम
मशीनों को एकत्र कर वस्तु संग्रहालय विंटेंज मशीनरी म्युझियम तैयार किए जाने का सुझाव इन्टेक ने निवेदन में शासन-प्रशासन को दिया है. उनका दावा है कि, यह म्युझियम स्थापित किए जाने से मेलघाट आनेवाले पर्यटकों और अध्ययनकर्ताओं को एक नया दालन उपलब्ध होगा. पर्यटकों की संख्या बढ सकती है. निवेदन देते समय वडतकर जैसा इन्टेक के कई पदाधिकारी मौजूद थे. उन्होंने दावा किया कि, जिलाधीश येरेकर ने इस विषय में खासी दिलचस्पी दर्शायी. सांस्कृतिक विभाग और पर्यटन विभाग को उपरोक्त जानकारी भेजने की तैयारी दर्शायी.