पुसली बांध में डूबकर तीन भाई-बहन की मौत
रविवार की दोपहर से गायब थे तीनों बच्चे

* बांध के पानी में नहाने के लिए उतरे थे
* पानी की गहराई का नही आया अंदाजा
* तैरना नहीं आने की वजह से तीनों डूब गए
अमरावती/दि.19- जिले की वरूड तहसील अंतर्गत सातनुर खेत परिसर में रहनेवाले तीन सगे भाई-बहन की पुसली बांध के पानी में डूब जाने की वजह से मौत हो जाने की घटना कल सोमवार की दोपहर 3 बजे के आसपास उजागर हुई. इसके चलते पूरे परिसर में अच्छा खासा हडकंप मच गया. पता चला है कि तीनों बच्चे रविवार की दोपहर बाद अपने घर से बाहर निकले थे और काफी देर तक घर नहीं लौटे तो उनकी खोजबीन करनी शुरू की गई. इसी दौरान पुसली बांध के किनारे तीनों बच्चों के कपडे पाए जाने के चलते बांध के पानी में खोज अभियान शुरू किया गया तो वहां से तीनों बच्चों के शव बरामद हुए. प्राथमिक अनुमान के मुताबिक यह तीनों बच्चे खेलते-खेलते बांद के पानी के निकट पहुंचे और नहाने-धोने के लिए बांध के पानी में उतरे. इस समय पानी की गहराई का अंदाजा नहीं आने के चलते और तैरना नहीं आने की वजह से तीनों बच्चों की पानी में डूबकर मौत हो गई.
इस संदर्भ में पुलिस द्बारा दी गई जानकारी के मुताबिक पंकज संतुलाल उईके (10) , प्रिया संतुलाल उईके (8) व पवन संतुलाल उईके (7) नामक तीनों बच्चे सातनुर खेत परिसर स्थित निमकर के खेत में चौकीदारी करनेवाले अपने माता-पिता के साथ रहते थे और नागपुर जिले के नरखेड स्थित आदिवासी आश्रम शाला में पढाई कर रहे थे. गर्मी की छूट्टी रहने के चलते तीनों बच्चे अपने माता-पिता के साथ रहने के लिए गांव आए थे. रविवार की सुबह बच्चों के माता-पिता अनिता व संतुलाल हमेशा की तरह खेत में मजदूरी व चौकीदारी का काम कर रहे थे. उसी दौरान दोपहर 1 बजे के आसपास तीनों बच्चे खेलने कुदने के लिए घर से बाहन निकले और फिर देर रात तक घर पर वापीस नहीं लौटे. जिसके चलते रविवार की रात से लेकर सोमवार की सुबह तक बच्चों की हर ओर खोजबीन करनी शुरू की गई. लेकिन बच्चों का कहीं कोई पता नहीं चला. वहीं जब खेत परिसर के साथ-साथ पुसली बांध परिसर में तलाश की गई तो दोपहर ढाई बजे के आसपास तीनों बच्चों के कपडे बांध के किनारे पर पाए गए. जिसकी जानकारी तुरंत ही शेंदूरजना घाट पुलिस को दी गई. पश्चात शेंदूरजना घाट के थानेदार दिपक महाडी अपने दलबल सहित घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों की सहायता से बांध के पानी में खोज अभियान चलाया. जिसके बाद तीनों बच्चों के पानी में डूबे हुए शव बरामद हुए. जिन्हे पानी से बाहर निकालकर पंचनामा करते हुए पोस्टमार्टम हेतु वरूड के ग्रामीण अस्पताल में भिजवाया गया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शाम 7 बजे तीनों बच्चों के शवों को उनके माता-पिता के हवाले किया गया. इस समय अपने तीनों बच्चों के शवों को देखकर माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल रहा.
जानकारी के मुताबिक संतुलाल सुर्वे मुलत: मध्यप्रदेश के छिंदवाडा जिला अंतर्गत धानाबिंद्रा गांव के निवासी हैं. जो रोजगार के लिए वरूड तहसील के शेंदूरजना घाट में आकर बस गए और यहां पर मनोहर निमकर के सातनुर गांव स्थित खेत में चौकिदारी करते हुए वहीं पर झोपडी बनाकर रहते हैं. संतुलाल धर्वे ने अपने तीनों बच्चों को पढाई लिखाई हेतु नरखेड स्थित आदिवासी आश्रम शाला में प्रवेश दिलाया था. जहां पर गर्मी की छूट्टीयां रहने के चलते तीनों बच्चे माता-पिता के साथ रहने हेतु गांव लौटे थे. संतुलाल उईके के मुताबिक उनके तीनों बच्चों को तैरना नहीं आता था. ऐसे में अनुमान लगाया गया कि संभवत: तीनों बच्चे खेलते खेलते बांध के पास पहुंच गए और नहाने के लिए पानी में उतरे. लेकिन पानी की गहराई का अंदाजा नहीं रहने और तैरना नहीं आने की वजह से तीनों बच्चे बांध के पानी में डूब गए. इस घटना के चलते पूरे परिसर में जबरदस्त शोक की लहर व्याप्त हैं.





