मेलघाट विकास के लिए प्रशासन में समन्वय बढ़ाया जाए
मंत्री डॉ. अशोक उईके का कथन

अमरावती/दि.19- चिखलदरा और धारणी ये आदिवासी बहुल तहसीलें दत्तक ली गई हैं. इसलिए इस क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देकर नागरिकों की मूलभूत समस्याओं को दूर करने के लिए परियोजना कार्यालय को सभी विभागों के साथ समन्वय बनाए रखना चाहिए. इससे उनके प्रश्नों के समाधान में मदद मिलेगी, ऐसा मत आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके ने व्यक्त किया.
मंत्री डॉ. उईके की अध्यक्षता में धारणी में समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में कुपोषण, सिकलसेल, थैलेसीमिया और क्षयरोग जैसे गंभीर विषयों पर स्वतंत्र रूप से चर्चा की गई. आदिवासी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सक्षम बनाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की आवश्यकता, चिकित्सा अधिकारियों के रिक्त पदों और उपचार सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा की गई. इस क्षेत्र को सिकलसेल और कुपोषणमुक्त करने का संकल्प भी इस अवसर पर लिया गया. कुपोषणमुक्ति के लिए बारिश से पहले आवश्यक उपाययोजनाएं करने के सख्त निर्देश उन्होंने दिए. मंत्री डॉ. उईके ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र के विकास के लिए प्रत्येक व्यक्ति को कार्य करना आवश्यक है. शासन के कार्य प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने चाहिए. इसके साथ ही नागरिकों के लिए उपलब्ध योजनाओं की जानकारी परियोजना कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर प्रकाशित की जाए. साथ ही योजनाओं के लाभ के लिए आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और लाभार्थियों की सूची अनिवार्य रूप से लगाई जाए.
बिरसा मुंडा कृषि योजना में किसानों को कुओं के साथ सोलार सिस्टम, पाइपलाइन, स्प्रिंकलर और मोटर पंप भी दिए जाएं. इससे आदिवासी किसानों को पूर्ण लाभ मिल सकेगा. कृषि विद्यालय में रिक्त पदों और भवन के लिए प्रयास किए जाएंगे. शासकीय आश्रमशालाओं की सुविधाओं पर भी चर्चा की गई. खारी आश्रमशाला में बिजली कनेक्शन और लो वोल्टेज की समस्या महसूस की जा रही है. इस संबंध में आश्रमशाला और छात्रावासों के लिए स्वतंत्र डीपी लगाने के निर्देश महावितरण को दिए गए. साथ ही तारूबांदा गांव में अतिरिक्त बिजली पोल तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए. रायपुर स्थित आश्रमशाला तक जाने के लिए स्कूल शुरू होने से पहले प्रशासनिक मंजूरी देकर सड़क मंजूर की जाए. 15 जून से पहले सभी आश्रमशालाओं में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए. साथ ही प्रत्येक गांव में श्मशानभूमि और उसके लिए पक्का संपर्क मार्ग तैयार किया जाए, ऐसा भी डॉ. उईके ने सुझाव दिया.
इस अवसर पर विधायक केवलराम काले, प्रभुदास भिलावेकर, नगराध्यक्ष सुनील चौथमल, आदिवासी विभाग की अपर आयुक्त आयुषी सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्यम गांधी, उपविभागीय अधिकारी तथा परियोजना अधिकारी सिद्धार्थ शुक्ला, स्वास्थ्य उपसंचालक तुषार वारे, रमेश मावसकर उपस्थित थे. बैठक से पहले धारणी स्थित विश्रामगृह में डॉ. उईके का आदिवासी परंपरा के अनुसार गदली सुसुन नृत्य से स्वागत किया गया. इससे पूर्व डॉ. उईके ने सुबह तारूबांदा स्थित कांद्रीबाबा हनुमान मंदिर का दर्शन किया.





