‘आरओबी’ की सुस्त रफ्तार, बजट में निधि मंजूर, प्रत्यक्ष काम शुरू होने की प्रतिक्षा
रेलवे पुल बंद रहने से अमरावतीवासियों की जमकर हो रही ‘रखडपट्टी’

* पूरा शहर हो चुका हैरान-परेशान, लंबा फेरा लगाकर आना-जाना पड रहा दोनों ओर
अमरावती/दि.26– अमरावती शहर की लाईफलाईन व हार्टलाईन कहा जाता रेलवे उडानपुल विगत 25 अगस्त 2025 से सभी तरह के वाहनों की आवाजाही की लिहाज से बंद करवा दिया गया था. जिसे 9 माह से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद भी पुराने व जर्जर हो चुके रेलवे उडान पुल को गिराने डिस्मिंटल करने का काम काफी सुस्त रफ्तार से चल रहा है. रेलवे पुल पर लगे रडर अब भी जस के तस है. जिन्हें पूरी तरह से निकाला नहीं गया है. ऐसे में पूराने पुल को पूरी तरह से तोडते हुए उसके स्थान पर नए पुल का निर्माण कब शुरू होगा और उसे यातायात व आवाजाही के लिए कब खोला जाएगा, इस सवाल का जवाब हर कोई खोज रहा है. साथ ही साथ रेलवे उडानपुल बंद रहने की वजह से रेलवे पटरी के दोनों ओर बसे अमरावती शहर की अंतर्गत कनेक्टिविटी बूरी तरह से बाधित हुई हैं और एक ओर से दूसरी ओर आने-जाने हेतु शहर वासियों को काफी लंबा फेरा लगाना पड रहा है. जिसके चलते हर कोई हैरान-परेशान हो चुका है.
बता दें कि पूराने रेलवे उडान पुल को गिराने का काम रेल प्रशासन एवं सार्वजनिक लोकनिर्माण विभाग के संयुक्त नियंत्रण में चल रहा है. परंतु इन दोनों महकमों के बीच आपस में योग्य समन्वय नहीं रहने नहीं रहने के चलते गर्डर निकालने और पुल को जमीनदोज करने का काम बेहद सुस्त रफ्तार से चलने का आरोप नागरिको द्बारा लगाया जा रहा है. जिसके तहत कहा जा रहा है कि उडानपुल को गिराने और नए उडानपुल को बनाने के लिए निधि मंजूर रहने के बावजूद केवल प्रशासकीय लापरवाही के चलते इस महत्वपूर्ण प्रकल्प का काम सुस्त रफ्तार के साथ चल रहा है. जिसके चलते रेलवे स्टेशन चौक से राजकमल चौक व जयस्तंभ चौक की ओर जानेवाले उडानपुल के बंद रहने की वजह से अमरावती शहर के 10 लाख लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड रहा है. लेकिन हैरत की बात यह है कि इस विषय पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों व राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों द्बारा एक शब्द भी नहीं कहा जा रहा.
* मध्यवर्ती क्षेत्र में यातायात व्यवस्था चरमराई
शहर के बिचोबिच स्थित रेलवे उडानपुल के बंद रहने के चलते राजकमल चौक व जयस्तंभ चौक से रेलवे स्टेशन चौक व हमालपुरा मार्ग की ओर आने-जाने वाला मुख्य रास्ता ही बंद है तथा इससे पहले इस रास्ते से होकर गुजरनेवाले वाहन चालकों को अब इर्विन चौक होते हुए वालकट कंपाउंड, जयस्तंभ चौक व राजकमल की ओर जाना पडता है, या फिर बेलपुरा मार्ग होते हुए राजापेठ व राजकमल की ओर जाने का पर्याय चुनना पडता है. जिसके चलते इंधन व समय की जमकर बर्बादी हो रही हैं. साथ ही साथ शहर के अंतर्गत रास्तों पर अतिरिक्त यातायात का बोझ भी पड रहा है. खास बात यह भी है कि रेलवे स्टेशन चौक से बेलपुरा मार्ग की ओर जानेवाले वाहन चालकों को पुराने व जर्जर हो चुके रेलवे उडानपुल के नीचे से ही होकर आना-जाना करना पडता है. जिसे उनकी जान के लिए भी खतरा कहा जा सकता है.
* जनप्रतिनिधियों की बैठक व निधी मंजूर, फिर भी काम कागज पर ही
इस गंभीर समस्या की दखल लेते हुए राज्य के राजस्व मंत्री तथा अमरावती के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मुंबई स्थित मंत्रालय में अमरावती जिले केे जनप्रतिनिधियों की विशेष बैठक बुलाने का आश्वासन दिया था. साथ ही नए रेलवे उडानपुल की निर्मिति हेतु राज्य सरकार ने बजट में आवश्यक निधि को मंजूरी भी दी है. लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर काम भी सुस्त रफ्तार को देखते हुए कहा जा सकता है कि इस समस्या का जल्द समाधान होने की कोई विशेष उम्मीद नहीं हैं.