जिंदा लड़की को मृत घोषित किया

पिता और बेटे को जेल में डाला

* बुलढाणा पुलिस ने लापरवाही का रिकॉर्ड तोड़ा
बुलढाणा/दि.28 – पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाली एक बेहद चौंकाने वाली और अजीब घटना बुलढाणा जिले से सामने आई है. जलगांव जामोद पुलिस ने जिस विवाहित लड़की की हत्या होने का दावा किया था, और उस मामले में उसके पिता और भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, वही लड़की वास्तव में जिंदा निकली. मृत घोषित की गई यह लड़की खुद पुलिस स्टेशन पहुंचने के बाद बुलढाणा पुलिस की भारी फजीहत हुई है और उनकी लापरवाही का मामला उजागर हो गया है.
करीब 20 दिन पहले बुलढाणा जिले के जलगांव जामोद तालुका के राजुरा बांध परिसर में एक अज्ञात महिला का आधा जला हुआ शव मिला था. बेहद क्रूर तरीके से की गई इस हत्या में शव से कुछ दूरी पर महिला का सिर काटकर फेंका गया था. घटना की जानकारी मिलते ही जळगाव जामोद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. फॉरेंसिक विभाग की टीम को बुलाकर मामले की जांच शुरू की गई थी.
* पुलिस का अजीब दावा
इस गंभीर अपराध की गुत्थी सुलझाने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक श्रेणिक लोढा ने विशेष मार्गदर्शन किया था. पुलिस ने जांच का दावा करते हुए कहा कि मृत महिला की पहचान मध्य प्रदेश के एक गांव की शिवानी बापूराव कलमेकर के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, शिवानी शादीशुदा होने के बावजूद अपने प्रेमी के साथ अवैध संबंधों में थी. इन संबंधों से परेशान होकर उसके पिता और भाई ने उसकी हत्या की और शव को महाराष्ट्र के जलगांव जामोद पुलिस स्टेशन क्षेत्र के राजुरा बांध परिसर में लाकर फेंक दिया.
* लड़की सीधे पुलिस स्टेशन पहुंची
इस कथित हत्या के आरोप में बुलढाणा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शिवानी के पिता बापूराव कलमेकर और उसके भाई को गिरफ्तार कर बुलढाणा जेल भेज दिया. लेकिन इस कहानी में बड़ा ट्विस्ट आया. मृत घोषित की गई शिवानी कलमेकर वास्तव में जिंदा निकली और अपने प्रेमी के साथ मध्य प्रदेश के बुरहानपुर पुलिस स्टेशन पहुंची. वहां उसने बताया कि, मैं जिंदा हूं और मेरी कथित हत्या के झूठे मामले में मेरे पिता और भाई को जळगाव जामोद पुलिस ने जेल में डाल दिया है.
* डीएनए जांच किए बिना कार्रवाई
बुरहानपुर पुलिस से जानकारी मिलने के बाद शिवानी कलमेकर खुद जलगांव जामोद पुलिस स्टेशन पहुंची. उसे जिंदा देखकर पुलिस के होश उड़ गए. सबसे बड़ी बात यह है कि राजुरा बांध पर मिले उस अज्ञात महिला के शव की कोई वैज्ञानिक डीएनए जांच किए बिना ही पुलिस ने सीधे शिवानी के पिता और भाई को हत्या का आरोपी बना दिया. पुलिस की जल्दबाजी और लापरवाही के कारण एक जिंदा लड़की की हत्या के मामले में उसका निर्दोष परिवार जेल पहुंच गया.
शिवानी के चाचा नारायण कलमेकर ने कहा, मेरी भतीजी शिवानी लापता थी और इसकी शिकायत हमने बुरहानपुर जिले के खगनार पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी. एक दिन बुलढाणा पुलिस हमारे घर आई. उन्होंने मेरे भाई बापूराव कलमेकर और भतीजे को उठाकर खगनार पुलिस स्टेशन ले गए. पुलिस ने कहा कि तुमने अपनी बेटी की हत्या की है और इसी आरोप में तुम्हें गिरफ्तार कर रहे हैं. पुलिस ने उन्हें बहुत मारा-पीटा और जबरन कबूल करवाया. मेरा भाई और भतीजा निर्दोष हैं और शिवानी जिंदा है.
* फिर वह शव किसका था?
शिवानी के जिंदा सामने आने के बाद अब पुलिस प्रशासन के सामने एक बेहद गंभीर और नया सवाल खड़ा हो गया है. राजुरा बांध परिसर में मिला वह आधा जला शव आखिर किस महिला का था? उसकी हत्या किसने और क्यों की? यह रहस्य अब और गहरा गया है. इस पूरे गंभीर मामले और अपनी लापरवाही पर बुलढाणा पुलिस फिलहाल कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है और उन्होंने चुप्पी साध रखी है

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