दर्यापुर में लाखों रुपए खर्च कर निर्माण किए गए ओटे निरुपयोगी

व्यवसायियों द्वारा इस्तेमाल न करने पर ओटे पडे सुने

दर्यापुर /दि.30– शहर के छोटे व जरुरतमंद व्यवसायियों को कायमस्वरुपी व्यवसाय के लिए सुरक्षित जगह उपलब्ध हो, इस उद्देश्य से आठवडी बाजार परिसर में नगर पालिका ने कुछ वर्ष पूर्व लाखों रुपए की निधि से बडे प्रमाण में ओटों का निर्माण करवाया था. किंतु व्यवसायियों द्वारा ओटों का इस्तेमाल न करने से सभी ओटे सुने पडे दिखाई दे रहे है. यहां बडे प्रमाण में कचरा जमा हो रहा है और झाडियां भी उग आई है. कुछ ओटों पर तो पशुओं का जमावडा भी लगा हुआ दिखाई दे रहा है. व्यवसायियों के इस्तेमाल न करने पर ओटों के नियोजन को लेकर नप प्रशासन पर प्रश्नचिन्ह निर्माण हुआ है.
एक ओर जहां शहर में अनेक छोटे व्यवसायी हाथगाडियों पर, फुटपाथों पर अथवा रास्ते के किनारों पर कडी धूप में और बारिश में व्यवसाय करते है. उन्हें रोजाना अपने उदरनिर्वाह के लिए कडा संघर्ष करना पडता है. वहीं दूसरी ओर नगर पालिका द्वारा उनकी सुविधा के लिए निर्माण किए गए ओटे सुने पडे हुए है. व्यवसायी ओटों का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे? यह भी प्रश्न अब शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है.
कुछ व्यवसायियों का कहना है कि, आठवडी बाजार परिसर में जगह का नियोजन उचित पद्धती से नहीं हुआ है. जहां ग्राहकों की भीड नहीं रहती. वहां व्यापार नहीं होता है. कुछ जगहों पर पानी, बिजली, स्वच्छता और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है. जिसके चलते व्यापारियों ने ओटों को पीठ दिखाई. लाखों रुपए खर्च कर निर्माण किए गए ओटे आखिर व्यापारियों के उपयोग में कब आएंगे, यह प्रश्न निर्माण हो रहा है.

* शहर के लिए शर्म की बात
शहर में हर सप्ताह बाजार भरता है, लेकिन ओटे सुनसान पडे है. इतनी बडी जगह का इस्तेमाल न होना शहर के लिए शर्म की बात है.
– दत्ता कुंभारकर
अध्यक्ष, युवा एकता सामाजिक संगठना.

* नपा द्वारा स्वच्छता, दुरुस्ती व सुरक्षा व्यवस्था की जाएञ्च्
नगर पालिका तत्काल स्वच्छता, दुरुस्ती व सुरक्षा की व्यवस्था करें, अन्यथा यह परिसर कायमस्वरुप सुनसान पडा रहेगा.
– विनोद वानखडे
सामाजिक कार्यकर्ता.

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