अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव में
कांग्रेस ने की नामांकन की बोहनी, हर्षजीत देशमुख ने भरा पहला पर्चा

* सांसद बलवंत वानखडे, जिलाध्यक्ष बबलू देशमुख व शहराध्यक्ष बबलू शेखावत के साथ भरा नामांकन
* जिलाधीश कार्यालय में मनपा के नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले, स्वीकृत पार्षद मिलींद चिमोटे, पूर्व विधायक वीरेंद्र जगताप व राकांपा शहराध्यक्ष डॉ. हेमंत देशमुख भी रहे उपस्थित
अमरावती/दि.30 – विधान परिषद की सीट हेतु अमरावती के स्थानीय स्वायत्त निकाय निर्वाचन क्षेत्र में आगामी 18 जून को होनेवाले चुनाव के लिए विगत 25 मई से चल रही नामांकन प्रक्रिया के तहत जहा अब तक कई इच्छूकोंं द्बारा नामांकन प्रपत्र उठाए गए. वहीं आज पहली बार किसी इच्छूक प्रत्याशी द्बारा अपना नामांकन आवेदन पेश किया गया, जब कांग्रेस की ओर से संभावित दावेदार माने जा रहे हर्षजीत देशमुख ने अमरावती पहुंचने के साथ ही कांग्रेस के स्थानीय नेताओ व पदाधिकारियों के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपना नामांकन प्रस्तुत करने के साथ ही विधान परिषद के चुनाव हेतु अधिकारीक तौर पर अपनी दावेदारी पेश की है. इसके साथ ही अब यह माना जा रहा है कि विधान परिषद के चुनाव हेतु अमरावती के निकाय निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस ने आखिरकार अपने चुनाव अभियान का औपचारिक आगाज कर दिया है.
आज दोपहर कांग्रेस की ओर से नागपुर के सॉफ्टवेयर उद्यमी एवं उद्योग जगत से जुड़े युवा चेहरे हर्षजीत देशमुख ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. इसके साथ ही इस निर्वाचन क्षेत्र में दाखिल होने वाला यह पहला नामांकन पत्र भी बन गया है. नामांकन के दौरान कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति ने चुनाव को लेकर पार्टी की गंभीरता और संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन किया. नामांकन प्रक्रिया के दौरान सांसद बलवंत वानखडे, कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष बबलू देशमुख, शहर कांग्रेस अध्यक्ष बबलू शेखावत, जिला परिषद में नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले, पूर्व विधायक वीरेंद्र जगताप, स्वीकृत नगरसेवक मिलिंद चिमोटे सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे. इसके अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के शहर अध्यक्ष डॉ. हेमंत देशमुख तथा महाविकास आघाड़ी के अन्य नेताओं की मौजूदगी ने विपक्षी एकजुटता का संकेत भी दिया.
* कांग्रेस ने दिया चुनावी तैयारी का संदेश
स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत तथा जिला परिषद के निर्वाचित जनप्रतिनिधि मतदाता होते हैं. ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए संगठनात्मक मजबूती और जनप्रतिनिधियों के साथ सतत संपर्क महत्वपूर्ण माना जाता है. कांग्रेस ने सबसे पहले नामांकन दाखिल कर यह संदेश देने का प्रयास किया है कि पार्टी चुनाव को पूरी गंभीरता से लड़ने की तैयारी में है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस ने अपेक्षाकृत नए चेहरे को मैदान में उतारकर स्थानीय निकायों के युवा जनप्रतिनिधियों और नए मतदाताओं को आकर्षित करने की रणनीति अपनाई है. वहीं महाविकास आघाड़ी के सहयोगी दलों के नेताओं की मौजूदगी ने यह भी संकेत दिया कि विपक्ष इस चुनाव में साझा समन्वय के साथ आगे बढ़ना चाहता है.
* हर्षजीत देशमुख ने जताया जीत का भरोसा
नामांकन दाखिल करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए हर्षजीत देशमुख ने अपनी जीत को लेकर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि अमरावती जिले के कांग्रेस पदाधिकारियों, स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों तथा निर्वाचन मंडल के मतदाताओं का उन्हें सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है. देशमुख ने कहा कि भले ही उनका व्यावसायिक कार्यक्षेत्र नागपुर रहा हो, लेकिन अमरावती जिले से उनका पारिवारिक और सामाजिक जुड़ाव वर्षों पुराना है. उन्होंने कहा कि जिले के विकास, स्थानीय निकायों की समस्याओं और जनप्रतिनिधियों की अपेक्षाओं को वे भली-भांति समझते हैं तथा निर्वाचित होने पर इन मुद्दों को प्रभावी ढंग से विधान परिषद में उठाने का प्रयास करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस संगठन एकजुट होकर चुनाव लड़ रहा है और उन्हें विश्वास है कि पार्टी के सभी पदाधिकारी तथा मतदाता सदस्य उनके पक्ष में मजबूती से खड़े रहेंगे.
* अभी केवल ‘ए-फॉर्म’, अंतिम मुहर 1 जून को
हालांकि आज हर्षजीत देशमुख का नामांकन दाखिल हो गया है और उनके द्बारा नामांकन प्रस्तुत करते समय कांग्रेस के सभी स्थानीय नेताओ व पदाधिकारियों की भी उपस्थिति रही. लेकिन कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार की अधिकृत दावेदारी पर अंतिम मुहर लगना अभी बाकी है. कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष बबलू देशमुख ने बताया कि आज हर्षजीत देशमुख द्बारा केवल पार्टी का ‘ए-फॉर्म’ प्रस्तुत किया गया है, जबकि उम्मीदवार की अधिकृत नियुक्ति से संबंधित ‘बी-फॉर्म’ 1 जून को दाखिल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व द्वारा हर्षजीत देशमुख को उम्मीदवार बनाए जाने की प्रक्रिया लगभग तय है और 1 जून को उनकी दावेदारी औपचारिक रूप से अंतिम रूप ले लेगी. हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि टिकट को लेकर अभी एक-दो अन्य नामों पर भी चर्चा चल रही है, इसलिए अंतिम स्थिति अधिकृत दस्तावेज जमा होने के बाद ही स्पष्ट मानी जाएगी.
* अब महायुति की रणनीति पर भी टिकी निगाहें
कांग्रेस द्वारा नामांकन दाखिल किए जाने के बाद अब राजनीतिक हलकों की नजर महायुति की रणनीति पर टिकी हुई है. भाजपा और उसके सहयोगी दलों की ओर से उम्मीदवार के नाम को लेकर चर्चाएं तेज हैं. ऐसे में आगामी कुछ दिनों में नामांकन प्रक्रिया के दौरान चुनावी समीकरण और अधिक स्पष्ट होने की संभावना है. स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को आगामी स्थानीय निकाय और विधानसभा राजनीति की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इसलिए सभी दल इस चुनाव को अपनी राजनीतिक ताकत और जनप्रतिनिधियों पर पकड़ साबित करने के अवसर के रूप में देख रहे हैं.
* शक्ति प्रदर्शन के साथ कांग्रेस की चुनावी शुरुआत
कुल मिलाकर हर्षजीत देशमुख के नामांकन ने अमरावती प्राधिकार विधान परिषद चुनाव की औपचारिक शुरुआत कर दी है. बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति, महाविकास आघाड़ी के घटक दलों का समर्थन तथा कांग्रेस द्वारा सबसे पहले नामांकन दाखिल किया जाना इस बात का संकेत है कि पार्टी इस सीट को प्रतिष्ठा का प्रश्न मानकर मैदान में उतरी है. अब 1 जून को ‘बी-फॉर्म’ दाखिल होने और अन्य दलों के उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद चुनावी मुकाबले की तस्वीर और स्पष्ट होगी.





