आखिर मेलघाट की स्वास्थ्य व्यवस्था की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार कौन है?

पालकमंत्री बावनकुले ने कहा, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सभी लंबित प्रस्तावों पर तत्काल कार्रवाई की जाए

अमरावती/दि.3– मेलघाट की खराब स्वास्थ्य व्यवस्था और ग्रामीणों को मूलभूत चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिलने पर राजस्व मंत्री एवं अमरावती- नागपूर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई. मंत्रालय में मंगलवार को आयोजित उच्चस्तरीय समिक्षा बैठक में उन्होंने सवाल किया कि आखिर मेलघाट की स्वास्थ्य व्यवस्था की इस दुर्दशा के लिए जिम्मेदार कौन है? उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सभी लंबित प्रस्तावों पर तत्काल कार्रवाई की जाए. सोमवार को मंत्रालय में नागपूर और अमरावती जिले से जुडे सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के लंबित मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. बैठक में मेलघाट क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और ग्रामीणों को हो रही परेशानियों पर गंभीर चर्चा हुई. बावनकुले ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अमरावती के विभागीय संदर्भ सेवा अस्पताल में पीपीपी मॉडल के तहत रेडियोथैरेपी और डे-केयर कीमोथेरेपी सुविधाा शुरू करने के प्रस्ताव तत्काल प्रस्तुत किए जाएं.
ग्रामीणों की जान से खिलवाड बर्दाश्त नहीं
बावनकुले ने दो टूक शब्दों में कहा कि ग्रामीण जनता की जान को जोखिम में डालने वाली स्वास्थ्य व्यवस्था किसी भी किमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होनें अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेलघाट और विदर्भ क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सभी आवश्यक प्रस्ताव तत्काल प्रस्तुत कर युध्दस्तर पर कार्य शुरू किया जाए. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

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