चिखलदरा के जलसंकट में सहारा बने भाजपा गुटनेता राजेश मांगलेकर

शक्कर तालाब सुखने पर बढते पेयजल संकट पर नेता की पहल

चिखलदरा /दि.4 – विदर्भ की प्रसिद्ध पर्यटन नगरी चिखलदरा इन दिनों भीषण जलसंकट से जूझ रही है. शहर के प्रमुख जलस्रोत कालापानी और शक्कर तालाब पूरी तरह सूख जाने से नागरिकों के साथ-साथ पशु-पक्षियों के सामने भी पेयजल का संकट खड़ा हो गया है. ऐसे में भाजपा गुटनेता राजेश मांगलेकर पिछले एक माह से अपने निजी खर्च पर टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराकर लोगों को राहत पहुंचा रहे हैं.
शहर के पांढरी, मरियमपुर और गवलीपुरा सहित कई इलाकों में पानी की समस्या गंभीर बनी हुई है. आर्थिक रूप से सक्षम लोग टैंकरों से पानी खरीद रहे हैं, जबकि गरीब और सामान्य परिवारों को पीने के पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है. महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण ने कालापानी और शक्कर तालाबों के सूख जाने की पुष्टि करते हुए नियमित जलापूर्ति में असमर्थता जताई है. वहीं आमझरी क्षेत्र की बोरवेलों का जलस्तर भी काफी नीचे चला गया है, जिससे कई इलाकों में टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाना आवश्यक हो गया है.
ऐसी स्थिति में राजेश मांगलेकर बिना किसी प्रचार-प्रसार की अपेक्षा के नागरिकों के लिए जलापूर्ति की व्यवस्था कर रहे हैं. उन्होंने केवल लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि भीषण गर्मी से प्यासे पशु-पक्षियों के लिए भी विभिन्न स्थानों पर पानी की व्यवस्था की है. हालांकि चिखलदरा में हर वर्ष जलसंकट की स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन स्थायी जलापूर्ति योजना के अभाव में नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है. स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने शहर के लिए दीर्घकालिक एवं स्वतंत्र जलापूर्ति योजना लागू करने की मांग की है. संकट की इस घड़ी में नागरिकों और बेजुबान जीवों की मदद के लिए आगे आए राजेश मांगलेकर के कार्यों की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है. लोगों का कहना है कि उनका यह प्रयास मानवता और सामाजिक सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण है.

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