शहर में बजारों में रसीले जामुन का आगमन

शुरुआती सीजन में 300 रुपए किलो तक पहुंचे भाव

अमरावती /दि.8 – बारिश की आहट के साथ बाजार में काले मोतियों जैसे दिखने वाले रसीले जामुनों ने अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है. स्वाद और सेहत का अनोखा संगम माने जाने वाले जामुन इन दिनों अमरावती के बाजारों में मध्य प्रदेश के रीवा और सिवनी से पहुंच रहे हैं. सीजन के शुरुआती आमद होने के कारण यह फल 250 से 300 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है और खरीदार भी इसके लिए उत्साह दिखा रहे है.
जामुन केवल स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि अपने औषधीय गुणों के कारण भी विशेष पहचान रखता है. आयुर्वेद में जामुन को मधुमेह नियंत्रण में सहायक माना गया है. इसके बीज, छाल और फल में ऐसे तत्व पाए जाते है, जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रत करने में मददगार माने जाते हैं. इसके अलावा जामुन पाचन शक्ति बढाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने तथा शरीर में आयरन और एंटीऑक्सीडेंट की पूर्ति करने में भी लाभकारी माना जाता है.
स्वाद की बात करें तो हल्की खटास और प्राकृतिक मिठास से भरपूर जामुन का नमक के साथ सेवन लोगों को विशेष रुप से पसंद आता है. मुंह में घुलने वाला इसका अनूठा स्वाद गर्मी और उमस के मौसम में अलग ही ताजगी प्रदान करता है. यही वजह है कि, जामुन का सीजन शुरु होते ही बाजारों में इसकी मांग बढ जाती है. हालांकि अमरावती जिले के चिखलदरा, मेलघाट और परतवाडा क्षेत्र में भी बडी मात्रा में जामुन की पैदावार होती है. लेकिन हालिया बारिश के कारण वहां की फसल को बाजार तक पहुंचने में अभी लगभग 10 दिन का समय लग सकता है. व्यापारियों का कहना है कि, स्थानीय जामुन बाजार में आने के बाद कीमतों में कमी आने की संभावना है. विगत वर्ष इतवारा बाजार और कॉटन मार्केट परिसर में जामुन 90 से 120 रुपए प्रति किलो तक बिका था. ऐसे में स्थानीय फसल की आमद के बाद इस वर्ष भी उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है. फिलहाल रीवा और सिवनी के जामुन अमरावती के बाजारों में मिठास घोल रहे है.

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