मेलघाट के मुद्दों पर बच्चू कडू का प्रशासन पर हमला

चेतावनी-कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन

अमरावती/दि.8- बच्चू कडू ने एक बार फिर मेलघाट के विकास कार्यों को लेकर प्रशासन पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि मेलघाट संघर्ष पदयात्रा के दौरान उठाए गए पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, वनाधिकार और सड़क जैसे मूलभूत मुद्दे आज भी पूरी तरह हल नहीं हो सके हैं. यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा.
शिवसेना और प्रहार जनशक्ति संगठन के संयुक्त जनसंपर्क अभियान के तहत बच्चू कडू ने धारणी और चिखलदरा तहसील के विभिन्न गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया. इस दौरान लोगों ने उन्हें पानी, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, सड़कों और रोजगार से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया. दौरे के दौरान बच्चू कडू ने मुख्यमंत्री समृद्धि पंचायत राज अभियान में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले धारणी तहसील के मोगरदा तथा चिखलदरा तहसील के गडगभांडुम गांव का दौरा कर ग्रामीणों को बधाई दी. गांववासियों ने उनका स्वागत करते हुए क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को उनके सामने रखा.
बच्चू कडू ने कहा कि मेलघाट संघर्ष यात्रा के दौरान सामने आए मुद्दों की वर्तमान स्थिति जानने के लिए वे सीधे गांवों में जाकर बैठकें और संवाद कर रहे हैं. प्रशासन ने किन मांगों पर काम किया, कौन-सी समस्याएं अब भी लंबित हैं और लोगों की नई परेशानियां क्या हैं, इसकी जानकारी एकत्र की जा रही है. उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि संघर्ष यात्रा के बाद अधिकारियों को पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन आज भी कई योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं. अधिकारी बैठकें और रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर अपेक्षित बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की निष्क्रियता मेलघाट के विकास में सबसे बड़ी बाधा बन गई है.
बच्चू कडू ने विशेष रूप से बिजली संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश को स्वतंत्र हुए कई दशक बीत चुके हैं और विकास की नई ऊंचाइयां हासिल की जा चुकी हैं, लेकिन मेलघाट के कई गांव आज भी अंधेरे में हैं. अनेक बस्तियों तक नियमित बिजली आपूर्ति नहीं पहुंच पाई है. यह केवल विकास का नहीं बल्कि प्रशासनिक विफलता का भी उदाहरण है. बच्चू कडू ने चेतावनी दी कि यदि मेलघाट संघर्ष यात्रा के दौरान प्रशासन को दिए गए निर्देशों को तत्काल अमल में नहीं लाया गया तो दिवाली के दौरान हजारों नागरिकों के साथ अमरावती कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा. साथ ही मेलघाट में बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे पर अलग से व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि मेलघाट के लोगों को उनके अधिकार और मूलभूत सुविधाएं दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा और प्रशासन को जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर होना ही पड़ेगा.

Back to top button