चार हत्याओं की गुत्थी बनी पुलिस के लिए चुनौती

शहर पुलिस चारों गुत्थियों को सुलझाने की जद्दोजहद में

* दो मामलों में अब तक नहीं हो सकी शवों की पहचान
* दो मामलों में वर्षों बाद भी नहीं मिला कोई सुराग
अमरावती/ दि. 10 – शहर में लगातार सामने आ रहे हत्या और संदिग्ध मौत के मामलों ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. हाल ही में चर्चित काजल इंगले हत्याकांड की जांच जारी है, लेकिन इसके साथ ही पुलिस के सामने पुराने अनसुलझे हत्याकांडों की फाइलें भी चुनौती बनकर खड़ी हैं. स्थिति यह है कि शहर में कम से कम चार ऐसे हत्या या संदिग्ध मौत के मामले हैं, जिनकी गुत्थी आज तक नहीं सुलझ सकी है. इनमें से दो मामलों में तो मृतकों की पहचान तक नहीं हो पाई है.
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि किसी भी हत्या की जांच में मृतक की पहचान सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है. जब शव की शिनाख्त नहीं हो पाती, तो जांच शुरुआती स्तर पर ही अटक जाती है. अमरावती में ऐसे ही दो मामले आज भी पुलिस के लिए पहेली बने हुए हैं.
* 12 साल बाद भी नहीं सुलझा धारिया हत्याकांड
शहर के फ्रेजरपुरा क्षेत्र में करीब 12 वर्ष पहले हुई चर्चित मिसेस धारिया हत्याकांड की गुत्थी आज भी रहस्य बनी हुई है. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कई संभावित पहलुओं पर काम किया, संदिग्धों से पूछताछ की और तकनीकी जांच भी कराई, लेकिन हत्या के पीछे के कारण और आरोपी कौन थे, इसका पता नहीं चल सका. समय बीतने के साथ यह मामला पुलिस रिकॉर्ड में अनसुलझे अपराधों की सूची में शामिल हो गया.
* शिराला परिसर में मिला था अधजला शव
9 नवंबर 2025 को वलगांव थाना क्षेत्र के शिराला परिसर में एक अज्ञात युवक का अधजला शव मिलने से सनसनी फैल गई थी. शव बुरी तरह जला हुआ होने के कारण उसकी पहचान करना बेहद कठिन हो गया था. पुलिस ने मृतक की पहचान के लिए आसपास के जिलों सहित अन्य राज्यों तक जानकारी भेजी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली. पहचान नहीं होने के कारण हत्या की जांच भी आगे नहीं बढ़ सकी और मामला आज तक रहस्य बना हुआ है.
* पानी की टंकी में मिला शव, नहीं खुला मौत का राज
13 मई 2026 को नागपुरी गेट थाना क्षेत्र के पठान चौक स्थित एक बंद अस्पताल की पानी की टंकी में अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से शहर में हड़कंप मच गया था. घटना के बाद पुलिस ने हत्या और दुर्घटना दोनों कोणों से जांच शुरू की, लेकिन मृतक कौन था और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा अब तक नहीं हो पाया है. इस मामले में भी शव की पहचान नहीं हो सकी है, जिससे जांच आगे बढ़ाने में कठिनाई आ रही है.
* काजल इंगले हत्याकांड पर टिकी निगाहें
हाल ही में सामने आए काजल इंगले हत्याकांड ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींचा है. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है और विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. हालांकि नागरिकों के बीच यह आशंका भी व्यक्त की जा रही है कि कहीं यह मामला भी पुराने अनसुलझे हत्याकांडों की तरह लंबा न खिंच जाए. ऐसे में इस मामले का जल्द खुलासा करना पुलिस के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है.
* नागरिकों को न्याय का इंतजार
शहर में बढ़ते अपराधों और लंबे समय से लंबित जांचों को लेकर नागरिकों में चिंता का माहौल है. लोगों का कहना है कि पुराने मामलों की गुत्थियां सुलझाने के साथ-साथ नए अपराधों का भी त्वरित खुलासा होना चाहिए, ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे और पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके. फिलहाल अमरावती पुलिस के सामने पुराने और नए दोनों मामलों को सुलझाने की दोहरी चुनौती खड़ी है.
* अपराध शाखा ने किया भरसक प्रयास, फिर भी नहीं मिली सफलता
वलगांव थाना क्षेत्र के शिराला परिसर में मिले अज्ञात युवक के अधजले शव की पहचान के लिए अपराध शाखा ने व्यापक जांच अभियान चलाया था. जांच के दौरान पुलिस की टीम मध्य प्रदेश तक पहुंची और कई संभावित सुरागों की पड़ताल की गई, लेकिन मृतक की पहचान नहीं हो सकी.
इसी प्रकार नागपुरी गेट थाना क्षेत्र के पठान चौक स्थित बंद अस्पताल की पानी की टंकी में मिले अज्ञात शव के मामले में भी पुलिस ने विभिन्न एजेंसियों की मदद से जांच की. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त राकेश ओला ने स्वयं घटनास्थल का दौरा कर जांच की समीक्षा की थी. इसके बावजूद दोनों मामलों में न तो मृतकों की पहचान हो सकी और न ही आरोपियों तक पुलिस पहुंच पाई. यही कारण है कि ये दोनों मामले आज भी अमरावती पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं.

 

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