नौकरी के लिए केवल गुजराती-मारवाड़ी उम्मीदवारों को प्राथमिकता!

मुंबई में विवादित विज्ञापन वायरल, मराठी संगठनों में नाराजगी

मुंबई/दि.10- मुंबई में नौकरी से जुड़े एक विज्ञापन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक भर्ती विज्ञापन में कथित तौर पर केवल गुजराती और मारवाड़ी उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। विज्ञापन सामने आने के बाद मराठी संगठनों और स्थानीय युवाओं ने नाराजगी जताई है।
जानकारी के अनुसार, अहमदाबाद की एक भर्ती एजेंसी ने नौकरी से संबंधित यह विज्ञापन पेशेवर रोजगार मंचों पर प्रकाशित किया था। विज्ञापन मुंबई स्थित एक कंपनी में एजीएम (असिस्टेंट जनरल मैनेजर) – अकाउंट्स एवं फाइनेंस पद के लिए था। पद के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की आवश्यकता बताई गई थी तथा वार्षिक वेतन 20 से 25 लाख रुपये दर्शाया गया था।
* विज्ञापन पर उठे सवाल
बीड- महाराष्ट्र के बीड जिले में अधिक मास यात्रा के दौरान बुधवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब श्रद्धालुओं से भरी एक नाव अचानक पलट गई। यह घटना माजलगांव तहसील के पुरुषोत्तमपुरी क्षेत्र में गोदावरी नदी पर हुई। नाव में लगभग 40 से 50 श्रद्धालु सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रद्धालु भगवान पुरुषोत्तम के दर्शन के लिए नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान नाव संतुलन खो बैठी और पानी में पलट गई। हादसे के बाद नदी किनारे अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों, पुलिस और बचाव दल की मदद से नाव में सवार लगभग सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि 10 से 12 वर्ष आयु वर्ग का एक बालक अभी भी लापता बताया जा रहा है। उसके लिए नदी में खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव पलटने के बाद कई लोग गहरे पानी में चले गए थे, लेकिन समय रहते उन्हें बाहर निकाल लिया गया। कुछ महिलाओं ने बताया कि वे डूबने लगी थीं, लेकिन स्थानीय लोगों की तत्परता से उनकी जान बच गई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक नाव में उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। बताया जा रहा है कि अधिक मास यात्रा के कारण पुरुषोत्तमपुरी में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे नाव संचालन पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कई नावों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। यात्रियों को लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं और क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर नदी पार कराई जा रही है।
* सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
पुरुषोत्तमपुरी स्थित भगवान पुरुषोत्तम का मंदिर धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और अधिक मास के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। हादसे के बाद तीर्थस्थल पर सुरक्षा प्रबंधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से नाव संचालन की व्यवस्था की जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई तथा सुरक्षा उपायों को तत्काल मजबूत करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस, राजस्व विभाग और अन्य बचाव एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं तथा लापता बच्चे की तलाश जारी है। घटना के कारण पूरे क्षेत्र में चिंता और तनाव का माहौल बना हुआ है।

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