विदर्भ में 22 जून से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र
शेष महाराष्ट्र में 15 जून से खुलेंगे स्कूल

मुंबई/दि.10- महाराष्ट्र सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 की शुरुआत को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जारी परिपत्र के अनुसार राज्य की प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नया शैक्षणिक सत्र 15 जून 2026 से शुरू होगा। हालांकि भीषण गर्मी को देखते हुए विदर्भ क्षेत्र के विद्यार्थियों को एक सप्ताह की अतिरिक्त राहत दी गई है। वहां स्कूल 22 जून से खुलेंगे।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पूरे राज्य में ग्रीष्मकालीन अवकाश और नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में एकरूपता लाने के लिए पहले सभी स्कूलों को 15 जून से शुरू करने का निर्णय लिया गया था। लेकिन विदर्भ में लगातार बने हुए उच्च तापमान और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र के लिए अलग व्यवस्था की गई है।
* विदर्भ में 22 जून से लगेंगी कक्षाएं
निर्णय के अनुसार विदर्भ क्षेत्र के राज्य बोर्ड से संबद्ध प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय अब 22 जून 2026 से शुरू होंगे। इसके पीछे मुख्य कारण क्षेत्र में जारी भीषण गर्मी और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बताई गई हैं। बताया गया है कि महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षा समिति की ओर से इस संबंध में न्यायालय में याचिका भी दायर की गई थी, जिसमें अत्यधिक तापमान को देखते हुए स्कूल खोलने की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की गई थी।
* सुबह की पाली में चलेंगे स्कूल
शिक्षा विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि विदर्भ के स्कूल 22 जून से 30 जून तक केवल सुबह की पाली में संचालित किए जाएंगे। इसके बाद 1 जुलाई 2026 से सभी विद्यालय नियमित समय-सारिणी के अनुसार संचालित होंगे।
* बाकी महाराष्ट्र में 15 जून से नियमित कक्षाएं
वहीं मुंबई, पुणे, नासिक, कोकण, पश्चिम महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र सहित राज्य के अन्य सभी क्षेत्रों में स्कूल 15 जून से अपने निर्धारित समय पर खुलेंगे। शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधन समितियों, शिक्षकों और अभिभावकों से नए आदेश की जानकारी लेने और उसके अनुसार तैयारी करने का आग्रह किया है।
* अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए राहत
विदर्भ में इस वर्ष अप्रैल और मई के साथ जून के शुरुआती दिनों में भी तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है। ऐसे में स्कूल खुलने की तारीख आगे बढ़ाने के निर्णय को विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे बच्चों को भीषण गर्मी के दुष्प्रभाव से बचाया जा सकेगा और वे सुरक्षित वातावरण में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत कर सकेंगे।





