मराठा आरक्षण पर मनोज जरांगे का सरकार को अल्टीमेटम
बोले- बार-बार आंदोलन और सरकार की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं

बीड /दि.10- मराठा आरक्षण और कुनबी प्रमाणपत्रों के मुद्दे पर मराठा आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटील ने राज्य सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार आश्वासन दे रही है, लेकिन मराठा समाज की मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार का यही रवैया जारी रहा तो आने वाला समय उनके लिए कठिन साबित होगा.
बीड में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जरांगे पाटील ने कहा, हम बार-बार आंदोलन करें और सरकार हमें हल्के में लेती रहे, यह अब स्वीकार नहीं किया जाएगा. मराठा समाज के साथ लगातार अन्याय और अपमान हो रहा है.
* मराठा समाज के अपमान का लगाया आरोप
जरांगे पाटील ने कहा कि मराठा आरक्षण के प्रश्न पर सरकार लगातार टालमटोल कर रही है. उन्होंने दावा किया कि ऐतिहासिक दस्तावेज, हैदराबाद गजट की नोंदियां और अन्य प्रमाण उपलब्ध होने के बावजूद सरकार आरक्षण देने से बच रही है. उन्होंने कहा, मराठा समाज का बार-बार अपमान किया जा रहा है. यदि यही स्थिति बनी रही तो वर्ष 2029 के चुनाव में समाज इसका राजनीतिक जवाब देगा. जनता उन लोगों को सबक सिखाएगी जो समाज की भावनाओं की अनदेखी कर रहे हैं.
* ओबीसी आरक्षण में हिस्सेदारी नहीं मांग रहे
मराठा और ओबीसी समाज के बीच बढ़ते विवाद पर भी उन्होंने अपनी भूमिका स्पष्ट की. जरांगे पाटील ने कहा कि मराठा समाज कभी भी ओबीसी आरक्षण में कटौती कर उसे अपने लिए देने की मांग नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा, हम अपने अधिकार का आरक्षण मांग रहे हैं. यदि हमारे पास ऐतिहासिक रिकॉर्ड और प्रमाण मौजूद हैं तो हमें न्याय मिलने में दिक्कत क्या है? हम किसी अन्य समाज के अधिकारों पर अतिक्रमण नहीं करना चाहते.
* कुनबी रिकॉर्ड हटाने का आरोप
जरांगे पाटील ने बीड जिले के वडवणी क्षेत्र में मिले कुनबी रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि कुछ अधिकारियों ने मराठा समाज से संबंधित रिकॉर्ड हटाने का काम किया है. उन्होंने कहा, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों ने रिकॉर्ड हटाए हैं. उन्हें ऐसा करने का अधिकार किसने दिया? इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए.
* मराठा-ओबीसी विवाद बढ़ाने की साजिश का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि मराठा और ओबीसी समाज के बीच दूरी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है. जरांगे पाटील ने कहा कि दोनों समाजों के बीच टकराव पैदा करने की कोशिशें हो रही हैं, जबकि मराठा समाज की मांग पूरी तरह वैधानिक और ऐतिहासिक आधार पर है.
* जख्मी कार्यकर्ता से मुलाकात
बीड दौरे के दौरान जरांगे पाटील ने आंदोलन के दौरान दुर्घटना में घायल हुए एक मराठा कार्यकर्ता से अस्पताल जाकर मुलाकात की. उन्होंने उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली और आंदोलन में शामिल कार्यकर्ताओं के संघर्ष की सराहना की.
* फिर गरमाया मराठा आरक्षण का मुद्दा
पिछले एक वर्ष से महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है. सरकार की ओर से विभिन्न समितियों और उपायों के जरिए समाधान तलाशने के प्रयास किए गए हैं, लेकिन आंदोलनकारी अभी भी संतुष्ट नजर नहीं आ रहे. जरांगे पाटील के ताजा बयान और सरकार को दी गई चेतावनी के बाद मराठा आरक्षण का प्रश्न एक बार फिर राज्य की राजनीति के केंद्र में आ गया है. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है.





